बीकानेर में मौसम में बदलाव के साथ बीकानेर में स्वाइन फ्लू का खतरा भी बढ़ने लगा है। पीबीएम अस्पताल में सर्दी और जुकाम के रोगियों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है। स्वाइन फ्लू के संदेह में रोगियों का इलाज तो किया जा रहा है लेकिन हकीकत ये है कि अस्पताल प्रबंधन के पास इस बीमारी की जांच करने के लिए किट तक उपलब्ध नहीं है। अब तक तीन मरीज भर्ती किए गए हैं। इन मरीजों में स्वाइन फ्लू की आशंका को देखते हुए जांच करवाई जा रही है। हालांकि अभी तक किसी भी मरीज की रिपोर्ट स्वाइन फ्लू पॉजिटिव नहीं आई है। वायरल बुखार और निमोनिया के केस भी बढ़े पीबीएम अस्पताल के सीनियर डॉक्टर और मेडिसिन विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. परमेंद्र सिरोही ने बताया कि मौसम में तब्दीली के कारण वायरल बुखार के साथ निमोनिया और इन्फ्लुएंजा के मरीज भी अस्पताल पहुंच रहे हैं। स्वाइन फ्लू के लक्षणों वाले मरीजों की जांच करवाई जा रही है, ताकि समय रहते बीमारी की पुष्टि या उसे खारिज किया जा सके। जांच किट के लिए भी संबंधित विभाग को निर्देश दिए गए हैं। जल्द ही जांच किट भी उपलब्ध होगी। बच्चों में उल्टी-दस्त का प्रकोप मौसम में बदलाव का असर बच्चों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई दे रहा है। अस्पताल में बच्चों में उल्टी-दस्त के मामले बढ़े हैं। पीबीएम अस्पताल प्रशासन की ओर से मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए आवश्यक इंतजाम किए जा रहे हैं। PBM में किए जा रहे विशेष इंतजाम स्वाइन फ्लू समेत मौसमी बीमारियों के बढ़ते मामलों को देखते हुए पीबीएम अस्पताल में विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं। संदिग्ध मरीजों की जांच और उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। चिकित्सकों के अनुसार फिलहाल स्वाइन फ्लू की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लक्षणों वाले मरीजों की जांच जारी है। संभाग से ले रहे हैं रिपोर्ट उधर, चिकित्सा विभाग के उप निदेशक डॉ. राहुल हर्ष ने बताया कि सर्दी जुकाम के मरीजों में ही स्वाइन फ्लू के रोगी भी होते हैं। संभाग के सभी जिलों इस संबंध में रिपोर्ट ली जा रही है कि कहां कितने रोगी स्वाइन फ्लू के हैं।