बूंदी में मुख्यमंत्री जल स्वावलंबन अभियान (एमजेएसए) की समीक्षा बैठक मंगलवार को हुई। यह बैठक जिला परिषद में मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) चारू की अध्यक्षता में हुई। इसमें स्टेट, डिपार्टमेंट और नरेगा मद से एमजेएसए योजना के अलग-अलग चरणों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई। सीईओ चारू ने निर्देश दिए कि संबंधित विभाग 30 सितंबर को खत्म हो रहे पहले चरण के सभी कार्यों के पूर्णता प्रमाण पत्र पोर्टल पर अपलोड करें। साथ ही दूसरे चरण में मंजूर किए गए कार्यों की शत प्रतिशत जियो टैगिंग करवाकर उन्हें पूरा किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि विभागों को तीसरे चरण के तहत विकास कार्यों की ज्यादा से ज्यादा जियो टैगिंग करवानी चाहिए। इस दौरान जल ग्रहण और भू-संरक्षण विभाग के अधीक्षण अभियंता जसराम मातोरिया, वन विभाग के एसीएफ हेमंत गौतम, वीबी-जी राम जी के एक्सईएन संजय मोदी, पीएचईडी विभाग के एक्सईएन मस्तराम मीणा, वॉटरशेड विभाग के एक्सईएन चंद्र प्रकाश मीणा, ओएफडी विभाग के एक्सईएन निर्मल कुमार मित्तल और कृषि विभाग के डिप्टी डायरेक्टर राजेश कुमार शर्मा समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।