बूंदी नगर परिषद और जिले की 7 नगर पालिकाओं में सोमवार को नामांकन का अंतिम दिन था। भाजपा और कांग्रेस ने अंतिम समय पर रिटर्निंग अधिकारियों के पास अपने अधिकृत सिंबल जमा कराए, जिससे कई वार्डों में असमंजस की स्थिति बनी रही। इस बार दोनों ही प्रमुख दलों ने कई दिग्गज नेताओं के टिकट काटकर नए चेहरों को मौका दिया है। टिकट नहीं मिलने से नाराज कई नेता निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनावी मैदान में उतर गए हैं, जिससे बगावत के सुर तेज हो गए हैं। बागी नेताओं ने टिकट बेचने के लगाए आरोप बागी नेताओं का आरोप है कि टिकट बेचे गए हैं। उनका कहना है कि वास्तविक और निष्ठावान कार्यकर्ताओं की अनदेखी कर ऐसे लोगों को टिकट दिए गए हैं, जिनका पूर्व में घोटाले, भ्रष्टाचार, सट्टेबाजी या आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। इन नेताओं का यह भी आरोप है कि पार्टी ने अपने समर्पित कार्यकर्ताओं को खो दिया है।