नगर परिषद चुनाव में अब चित्तौड़गढ़ की चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। भारतीय जनता पार्टी के बाद कांग्रेस ने भी अपने सभी 60 वार्डों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। खास बात यह रही कि कांग्रेस ने भी बीजेपी की रणनीति अपनाते हुए पहले उम्मीदवारों की सूची सार्वजनिक नहीं की। पार्टी ने पहले जिला निर्वाचन अधिकारी को अधिकृत चुनाव चिन्ह सौंपे और उसके बाद प्रत्याशियों के नाम सामने आए। पार्टी ने इस बार सिर्फ पुराने चेहरों के साथ- साथ नए चेहरों को भी मौका दिया गया है। पूरी सूची को देखने पर यह भी साफ नजर आता है कि कांग्रेस ने संगठन, अनुभव, युवा चेहरों और स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है, ताकि हर वार्ड में मुकाबला मजबूत बनाया जा सके। पहले देखिए- पूरी लिस्ट टिकट वितरण में दोनों प्रमुख गुटों को मिली हिस्सेदारी कांग्रेस की सूची को सिर्फ उम्मीदवारों की घोषणा नहीं, बल्कि पार्टी के अंदरूनी राजनीतिक संतुलन के रूप में भी देखा जा रहा है। पिछले कुछ समय से शहर कांग्रेस में अलग-अलग नेताओं के समर्थकों को लेकर चर्चा होती रही है। इस सूची में भी उसका असर साफ दिखाई देता है। कई उम्मीदवार ऐसे हैं जिन्हें पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह जाड़ावत का करीबी माना जाता है, जबकि कई प्रत्याशी पूर्व सभापति संदीप शर्मा के समर्थक माने जाते हैं। पार्टी ने टिकट वितरण में किसी एक गुट को पूरी तरह प्राथमिकता देने के बजाय दोनों पक्षों के नेताओं को जगह देने की कोशिश की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि चुनाव से पहले संगठन में किसी तरह की नाराजगी कम रखने के लिए यह रणनीति अपनाई गई है। नए चेहरों पर सबसे ज्यादा भरोसा कांग्रेस की इस सूची की सबसे बड़ी खासियत नए चेहरों की एंट्री है। इस बार बड़ी संख्या में ऐसे उम्मीदवारों को टिकट मिला है, जो पहली बार नगर परिषद का चुनाव लड़ेंगे। पार्टी का मानना है कि नए चेहरों से मतदाताओं तक नया संदेश जाएगा और स्थानीय स्तर पर बदलाव की उम्मीद रखने वाले लोगों को भी जोड़ने में मदद मिलेगी। हालांकि सिर्फ नए चेहरों पर ही दांव नहीं लगाया गया। पार्टी ने कुछ अनुभवी नेताओं को भी फिर से मैदान में उतारा है। पूर्व सभापति रमेश नाथ को वार्ड 4 से टिकट देकर कांग्रेस ने साफ संकेत दिया है कि अनुभव की अभी भी पार्टी में अहम भूमिका है। इसी तरह पूर्व उपसभापति कैलाश पंवार को वार्ड 6 से उम्मीदवार बनाया गया है। उनकी पत्नी सावित्री पंवार को भी वार्ड 7 से टिकट मिला है। इसके अलावा शहर कांग्रेस अध्यक्ष के बेटे को भी टिकट देकर संगठन से जुड़े परिवारों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। इन वार्डों के टिकट सबसे ज्यादा चर्चा में उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही कई वार्डों की चर्चा पूरे शहर में शुरू हो गई है। वार्ड 4, 6, 7, 11, 14, 15, 17, 23, 36, 42, 45, 47, 51 और 54 ऐसे वार्ड हैं, जहां टिकट को लेकर पहले से ही कई दावेदार सक्रिय थे। कुछ जगहों पर पुराने नेताओं को दोबारा मौका मिला तो कुछ वार्डों में नए चेहरों ने वरिष्ठ दावेदारों की जगह ले ली। इन वार्डों में अब चुनावी मुकाबला काफी दिलचस्प माना जा रहा है। कांग्रेस की सूची आने के बाद अब बीजेपी और कांग्रेस दोनों के उम्मीदवार आमने-सामने हैं और चुनाव प्रचार भी पूरी रफ्तार पकड़ने की तैयारी में है। दोनों दल अब संगठन को बूथ स्तर तक सक्रिय करने और मतदाताओं तक पहुंचने की रणनीति पर काम करेंगे।