चूरू नगर परिषद के निकाय चुनाव के लिए नामांकन दाखिल हो चुके हैं। नाम वापसी की अंतिम तिथि 3 सितंबर है। मौजूदा स्थिति के अनुसार, शहर के 60 वार्डों में से कम से कम 10 वार्डों में भाजपा और कांग्रेस के संभावित सभापति दावेदार निर्दलीय प्रत्याशियों से घिरे नजर आ रहे हैं। कुछ वार्डों में तो निर्दलीय उम्मीदवार दोनों प्रमुख दलों के प्रत्याशियों पर भारी पड़ सकते हैं। भाजपा और कांग्रेस दोनों को ही शहर के 60 वार्डों में प्रत्याशी ढूंढने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बावजूद, भाजपा केवल 54 वार्डों में और कांग्रेस 55 वार्डों में ही अपने अधिकृत प्रत्याशी घोषित कर पाई। इससे यह स्पष्ट होता है कि भाजपा ने 6 और कांग्रेस ने 5 वार्डों में निर्दलीय उम्मीदवारों को अंदरूनी तौर पर समर्थन देने का मन बना लिया है। हालांकि, 3 सितंबर को नाम वापसी के बाद ही प्रत्येक वार्ड की अंतिम तस्वीर साफ हो पाएगी। इससे पहले ही 8 से 10 वार्डों में निर्दलियों को मनाने की कवायद शुरू हो गई है। वार्ड 16 में भाजपा और कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम एक जैसे
इस निकाय चुनाव में एक रोचक तथ्य यह भी सामने आया है कि वार्ड नंबर 16 में भाजपा और कांग्रेस दोनों के प्रत्याशियों के नाम एक जैसे हैं। भाजपा ने यहां निवर्तमान पार्षद लिखमीचंद प्रजापत को फिर से मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस ने भी इसी नाम के दूसरे लिखमीचंद को अपना प्रत्याशी बनाया है। दोनों उम्मीदवारों के एक ही नाम होने से मतदाताओं के बीच यह चर्चा का विषय बना हुआ है। पति-पत्नी लड़ रहे चुनाव
इसके अलावा चूरू नगर परिषद चुनाव में कई वार्डों में पारिवारिक सदस्य भी मैदान में हैं। वार्ड नंबर 36 और 37 में पति-पत्नी चुनाव लड़ रहे हैं। वार्ड 36 से रमजान खान कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं, वहीं वार्ड 37 से उनकी पत्नी और पूर्व उप सभापति नसीम निशा भी कांग्रेस के टिकट पर मैदान में हैं।
इसी तरह वार्ड नंबर 11 और 17 में मां-बेटा कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। वार्ड 11 में सभापति के दावेदार संजय भाटी मैदान में हैं, जबकि वार्ड 17 में उनकी मां रजिया भी कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। 10 वार्डाें में निर्दलीयों में फंसे भाजपा- कांग्रेस के प्रत्याशी
वार्ड 11 में कांग्रेस व भाजपा प्रत्याषियों के अलावा 6 निर्दलीय मैदान में हैं। यहां संजय भाटी को कांग्रेस में सभापति की दौड़ में माना जा रहा हैं। इसी प्रकार वार्ड 18 में पूर्व सभापति मुरलीधर शर्मा भाजपा की टिकट पर चुनाव लड़ रहे हैं। जबकि यहां भाजपा के ही पूर्व पार्षद राजेश रक्षक ने टिकट न मिलने से नाराज होकर निर्दलीय पर्चा भरकर ताल ठोक दी हैं। यहां कांग्रेस से मनीष सैनी मैदान में हैं। वार्ड 20 में पूर्व सभापति विजय शर्मा के साथ कांग्रेस के प्रत्याशी कमल सिंह को छोड़कर चार निर्दलीय मैदान में हैं। भाजपा के शर्मा का खुद इस वार्ड में वोट नहीं हैं। वार्ड 40 में भाजपा के नन्दकिषोर व कांग्रेस के विनोद सैनी के लिए तीन निर्दलीय सरदर्द बने हुए हैें। वार्ड 41 में भाजपा के जिला महामंत्री अभिषेक चोटिया भी निकाय चुनाव के मैदान में उतर गये हैं। यहां पर कांग्रेस को कोई उम्मीदवार नहीं मिला तो निर्दलीय उम्मीदवार चंदा देवी को अपना समर्थन दे दिया हैं।