नगरीय निकाय आम चुनाव-2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से कराने की तैयारियों के तहत गुरुवार को डीग में पीठासीन और मतदान अधिकारियों का दूसरा प्रशिक्षण आयोजित किया गया। मास्टर आदित्येन्द्र राजकीय कॉलेज में हुए प्रशिक्षण में कुल 202 पीठासीन अधिकारी और मतदान अधिकारी शामिल हुए। जिला निर्वाचन अधिकारी एवं कलेक्टर मयंक मनीष ने प्रशिक्षण में पहुंचकर चुनाव प्रक्रिया और मतदान कर्मियों की जिम्मेदारियों को लेकर जरूरी निर्देश दिए। निष्पक्ष चुनाव में मतदान कर्मियों की अहम भूमिका कलेक्टर मयंक मनीष ने कहा कि चुनाव की निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखने में मतदान कर्मियों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि कुछ कर्मचारी पहले भी चुनावी ड्यूटी कर चुके हैं, जबकि कई कर्मचारी पहली बार इस जिम्मेदारी को निभाएंगे। ऐसे में सभी को अपनी जिम्मेदारियों और मतदान प्रक्रिया की पूरी जानकारी होना जरूरी है। उन्होंने मतदान कर्मियों से पीठासीन अधिकारी पुस्तिका को ध्यानपूर्वक पढ़ने की अपील की। साथ ही कहा कि चुनाव प्रक्रिया, किसी फॉर्म या तकनीकी व्यवस्था को लेकर कोई भी संशय हो तो मतदान से पहले प्रशिक्षण के दौरान ही मास्टर ट्रेनर से उसका समाधान कर लें। EVM से लेकर सील लगाने तक हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग प्रशिक्षण के दौरान कलेक्टर ने अलग-अलग ट्रेनिंग स्टॉल का निरीक्षण किया। उन्होंने EVM हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग टेबल पर पहुंचकर मतदान कर्मियों द्वारा कंट्रोल यूनिट और बैलेट यूनिट को जोड़ने की प्रक्रिया देखी। इसके साथ ही ग्रीन पेपर सील, स्पेशल टैग और स्ट्रिप सील लगाने सहित चुनाव प्रक्रिया से जुड़ी अन्य जरूरी व्यवस्थाओं का व्यावहारिक अभ्यास भी देखा। मतदान की गोपनीयता सर्वोच्च जिम्मेदारी कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि मतदान की गोपनीयता, निष्पक्षता और पारदर्शिता बनाए रखना प्रत्येक मतदान कर्मी की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी कर्मचारियों को चुनाव संबंधी कार्य पूरी ईमानदारी और निष्पक्षता से करने तथा निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों और निर्देशों का पालन करने के निर्देश दिए। मास्टर ट्रेनरों ने समझाई मतदान दिवस की पूरी प्रक्रिया जिला स्तरीय मास्टर ट्रेनर ओमप्रकाश शर्मा और प्रेमचंद शर्मा ने मतदान दलों को मतदान दिवस की पूरी कार्यप्रणाली के बारे में प्रशिक्षण दिया। प्रशिक्षण का उद्देश्य मतदान कर्मियों को मतदान प्रक्रिया, निर्वाचन आयोग के निर्देशों, निर्धारित फॉर्म और तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी देना रहा, ताकि मतदान के दिन सभी कार्य तय प्रक्रिया के अनुसार सुचारु रूप से संपन्न हो सकें।