प्रतापगढ़। 'शुद्ध आहार-मिलावट पर वार' अभियान के तहत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने बुधवार को धरियावद बस स्टैंड स्थित शिव साहू रेस्टोरेंट एंड कोल्ड ड्रिंक का निरीक्षण किया। जन्माष्टमी त्योहार को देखते हुए की गई कार्रवाई के दौरान रेस्टोरेंट में कई खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी सामने आई। टीम ने मौके से खाद्य पदार्थों के 3 नमूने लिए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार पामेचा ने बताया कि निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट की रसोई और परिसर की दीवारें बदरंग मिलीं। फर्श गंदा था और बर्तन भी बदरंग पाए गए। दरवाजे और खिड़कियों पर जालियां नहीं लगी थीं। पका खाना खुला रखा था, परिसर में घूम रहे थे कॉकरोच निरीक्षण के दौरान कई खाद्य सामग्री पर एक्सपायरी डेट दर्ज नहीं मिली। परिसर में कॉकरोच घूमते पाए गए। वहीं पका हुआ खाना बिना ढके रखा हुआ था और कूड़ेदान भी बिना ढक्कन के मिला। खाद्य सुरक्षा टीम को जांच के दौरान प्रतिबंधित फूड एडिटिव्स के इस्तेमाल की जानकारी भी मिली। रेस्टोरेंट में काम करने वाला स्टाफ भी अप्रशिक्षित पाया गया। पेस्ट कंट्रोल और हेल्थ सर्टिफिकेट भी नहीं मिले जांच के दौरान रेस्टोरेंट संचालक की ओर से पेस्ट कंट्रोल प्रमाण पत्र, खाद्य हैंडलर्स के स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और इस्तेमाल किए जा रहे पानी की लैब जांच रिपोर्ट भी प्रस्तुत नहीं की जा सकी। खाद्य सुरक्षा विभाग ने इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए रेस्टोरेंट संचालक को सुधार के लिए इंप्रूवमेंट नोटिस जारी किया है। मावे की बर्फी, तेल और मैदा के सैंपल लिए खाद्य सुरक्षा टीम ने मौके से मावे की बर्फी, रिफाइंड सोयाबीन तेल और मैदा के नमूने लिए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अधिकारियों के अनुसार, लैब जांच रिपोर्ट में यदि नमूने मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाते हैं तो खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और नियम-विनियम 2011 के तहत कार्रवाई की जाएगी। कचौरी तलने वाले तेल की TPC जांच, मानक से 30 गुना ज्यादा टीम ने रेस्टोरेंट में कचौरी तलने के लिए इस्तेमाल हो रहे तेल की TPC मीटर से जांच की। जांच में तेल का TPC स्तर निर्धारित मानक से करीब 30 गुना ज्यादा पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नियमों के अनुसार इस तेल को मौके पर ही नष्ट करवा दिया। जन्माष्टमी से पहले खाद्य प्रतिष्ठानों पर निगरानी खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से त्योहार को देखते हुए खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान के तहत मिलावटी और असुरक्षित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई में खाद्य सुरक्षा अधिकारी सुनील कुमार पामेचा, रामेश्वर मीणा और कल्पना पटेल शामिल रहे।