धौलपुर के सैपऊ कस्बे की महज साढ़े छह साल की आभा परमार ने इतनी कम उम्र में सोशल मीडिया की दुनिया में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। आभा के यूट्यूब चैनल ने 10 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार कर लिया है। इस उपलब्धि के बाद यूट्यूब की ओर से आभा को डायमंड बटन भेजा गया है। आभा की इस सफलता से परिवार के साथ-साथ सैपऊ और धौलपुर के लोगों में भी खुशी का माहौल है। कोरोना काल में आया वीडियो बनाने का विचार आभा के पिता वीरेंद्र परमार ने बताया कि कोरोना काल के दौरान साल 2022 में बच्चों के लिए मनोरंजक और प्रेरणादायक वीडियो बनाने का विचार आया था। इसके बाद आभा की मां नेहा परमार ने आभा को केंद्र में रखकर अलग-अलग विषयों पर वीडियो तैयार कर यूट्यूब पर अपलोड करना शुरू किया। शुरुआत में यह परिवार के लिए महज एक रचनात्मक प्रयास था, लेकिन धीरे-धीरे आभा के वीडियो लोगों को पसंद आने लगे। देखते ही देखते उनकी लोकप्रियता बढ़ती गई और वीडियो देश के साथ-साथ विदेशों में भी दर्शकों तक पहुंचने लगे। मासूम अंदाज और बेझिझक अभिनय ने बनाया खास आभा के वीडियो में बच्चों की रोजमर्रा की जिंदगी, मजेदार परिस्थितियां, मनोरंजन और प्रेरणा से जुड़े विषय शामिल होते हैं। कैमरे के सामने आभा का बेझिझक और मासूम अंदाज दर्शकों को खूब पसंद आता है। महज साढ़े छह साल की उम्र में कैमरे के सामने उसका आत्मविश्वास और सहजता लोगों का ध्यान खींच रहा है। घर में तैयार किया पूरा शूटिंग सेटअप वीडियो की शूटिंग के लिए परिवार ने घर में ही पूरा सेटअप तैयार कर रखा है। इसी छोटे से स्टूडियो में अलग-अलग कहानियों और विषयों पर वीडियो बनाए जाते हैं। परिवार के अनुसार आभा शूटिंग के दौरान पूरे उत्साह के साथ अपनी भूमिका निभाती है और उसे वीडियो बनाना काफी पसंद है। आभा की मां नेहा परमार का कहना है कि परिवार का उद्देश्य बच्चों का मनोरंजन करने के साथ-साथ उन्हें अच्छी और सकारात्मक बातें सिखाना भी है। इसी सोच के साथ वीडियो की कहानियों और विषयों का चयन किया जाता है। 10 मिलियन पार होते ही मिला डायमंड बटन आभा के यूट्यूब चैनल ने जब 10 मिलियन से अधिक सब्सक्राइबर का आंकड़ा पार किया तो यह परिवार के लिए यादगार पल बन गया। इस उपलब्धि के बाद यूट्यूब की ओर से आभा को डायमंड बटन भेजा गया। परिवार का कहना है कि यह सम्मान सिर्फ आभा ही नहीं, बल्कि पूरे सैपऊ और धौलपुर के लिए गर्व की बात है। सोशल मीडिया स्टार, पढ़ाई में भी आगे सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के बावजूद आभा की पढ़ाई प्रभावित नहीं होने दी जा रही है। नेहा परमार के अनुसार आभा पढ़ाई में भी मेधावी है और कक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए लगातार मेहनत करती है। परिवार सोशल मीडिया गतिविधियों के साथ उसकी पढ़ाई को भी बराबर प्राथमिकता दे रहा है। सैपऊ से विदेशों तक पहुंचा नन्ही प्रतिभा का सफर सैपऊ की गलियों से शुरू हुआ आभा का सफर अब देश की सीमाओं को पार कर विदेशों तक पहुंच चुका है। साढ़े छह साल की इस नन्ही बेटी ने साबित किया है कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। परिवार के सहयोग, मेहनत और अपने हुनर के दम पर आभा ने इतनी कम उम्र में जो मुकाम हासिल किया है, वह धौलपुर के लिए भी गर्व की बात है।