डूंगरपुर के भण्डारिया गांव में 16 साल के नाबालिग ने महुए के पेड़ से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान हरीश रोत के बेटे बादल के रूप में हुई है। शुक्रवार सुबह स्कूल जा रहे बच्चों ने उसका शव पेड़ पर साड़ी के पल्लू से लटका देखा। सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। फिलहाल नाबालिग के आत्महत्या करने की वजह सामने नहीं आई है। अहमदाबाद के होटल में करता था काम कोतवाली थाने के एएसआई महेंद्र सिंह ने बताया कि हरीश रोत ने पुलिस को घटना की सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनका 16 साल का बेटा बादल अहमदाबाद के एक होटल में काम करता था और करीब 8-10 दिन पहले ही घर लौटा था। रात में परिवार के साथ खाया खाना परिजनों के अनुसार बीती रात पूरे परिवार ने साथ खाना खाया था। इसके बाद बादल रात करीब 11 बजे तक घर के आंगन में मोबाइल चला रहा था। बाद में वह सोने के लिए चला गया। सुबह करीब 7 बजे स्कूल जा रहे बच्चों की नजर महुए के पेड़ पर पड़ी, जहां बादल का शव लटका हुआ था। पुलिस ने शव मोर्चरी में रखवाया बच्चों ने तत्काल घटना की जानकारी दी, जिसके बाद परिजन और गांव वाले मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से कोतवाली थाना पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और डूंगरपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों की जांच के बाद शव को मोर्चरी में रखवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नाबालिग ने यह कदम क्यों उठाया। पुलिस आत्महत्या के कारणों और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है।