प्रदेश में निकाय चुनावों के लिए प्रत्याशी तय करने के लिए विधायक, विधायक प्रत्याशी व सर्वे लिस्ट को प्राथमिकता देने की बात सामने आई है। पिछले विधानसभा व लोकसभा चुनाव के साथ ही भाजपा के अभियानों में सक्रिय योगदान देने वाले कार्यकर्ता के बारे में विधायक व विधायक प्रत्याशी से फीडबैक लिया जा रहा है। वहीं भाजपा की ओर से पर्यवेक्षक व अन्य जरिए से करवाए गए सर्वे को भी टिकट देने की प्राथमिकता में शामिल किया गया है। भाजपा मुख्यालय में शुक्रवार को दूसरे दिन भी मैराथन मीटिंगों का सिलसिला जारी रहा है। देर रात तक चली बैठक में एक एक प्रत्याशी व उसको लेकर सामने आए फीडबैक के बारे में चर्चा हुई। निकाय चुनाव की संभागवार मंथन बैठक में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा मौजूद रहे। अब शनिवार से निकायवार भाजपा प्रत्याशियों की सूचियां जारी होने लगेगी। भाजपा मुख्यालय में मैराथन मीटिंगों का सिलसिला जारी रहा हर नाम पर पड़ताल: भाजपा का टिकल हासिल करने के लिए 50 हजार से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया है। टिकट के लिए दावेदारों की संख्या अधिक होने से पार्टी नेतृत्व के सामने सबसे बड़ी चुनौती एक-एक वार्ड में मजबूत चेहरे का चयन करना है। दूसरे राज्यों से आई टीमों को भी माइक्रो मैनेजमेंट व फीडबैक की जिम्मेदारी दी गई है। इस बार प्रत्याशियों की लिस्ट जारी नहीं करके सीधे जिला कार्यालय बुलाकर सिंबल दिया जाएगा। जिन संभागों की रायशुमारी हो चुकी है, उनके निकाय प्रभारी को प्रदेश अध्यक्ष का हस्ताक्षर किया हुआ खाली सिंबल देकर क्षेत्र में रवाना कर दिया है।