कोलकाता में बुधवार को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जादवपुर यूनिवर्सिटी के पास 3 किलोमीटर लंबी ‘भगवा सम्मान यात्रा’ निकाली। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी कैंपस में ‘कश्मीर आजादी चाहता है’ जैसे नारे लगाने वाली ताकतों को उखाड़ फेंका जाएगा। यह मार्च दक्षिण कोलकाता के गोलपार्क से शुरू होकर जादवपुर यूनिवर्सिटी के बाहर 8B बस स्टैंड पर खत्म हुआ। इसमें बड़ी संख्या में साधु-संतों और सैकड़ों BJP समर्थकों ने हिस्सा लिया। पूरी यात्रा में ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाए गए। अधिकारी भगवा कपड़े पहनकर और भगवा झंडा लेकर यात्रा में सबसे आगे रहे। एक BJP नेता ने कहा कि यह यात्रा “भगवा रंग की गरिमा बचाने” और उसे “बदनाम करने की कोशिशों” के विरोध में आयोजित की गई थी। यात्रा की तस्वीरें… 4 घटनाओं के बाद निकली भाजपा ने ‘भगवा सम्मान यात्रा’ 20-21 अगस्त: जादवपुर यूनिवर्सिटी में ABVP और लेफ्ट छात्रों में झड़प कैंपस में RSS से जुड़े ABVP और लेफ्ट छात्र संगठनों के बीच झड़प हुई। अगले दिन ABVP समर्थकों के प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी के गेट नंबर-4 पर लगा नंदलाल बोस का डिजाइन किया ऐतिहासिक प्रतीक भी क्षतिग्रस्त हो गया। यूनिवर्सिटी प्रशासन ने हिंसा और प्रतीक को नुकसान पहुंचाने को लेकर पुलिस में 2 शिकायतें दर्ज कराईं। ABVP ने प्रतीक को नुकसान पहुंचाने के आरोप से इनकार किया। असर: इस घटना के बाद कैंपस में ABVP और लेफ्ट छात्र संगठनों के बीच टकराव बढ़ गया। मामला केवल छात्र संगठनों के विवाद तक सीमित नहीं रहा और राज्य सरकार भी इसमें सक्रिय हुई। 25 अगस्त: CM शुभेंदु अधिकारी ने नारों की जांच के निर्देश दिए झड़प के कुछ दिन बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने यूनिवर्सिटी की दीवारों पर लिखे नारों को ‘एंटी-नेशनल’ बताया। इसके बाद जांच के निर्देश दिए। असर: यूनिवर्सिटी प्रशासन ने दीवारों पर लिखे नारों को हटाने के लिए सफेदी कराई। हालांकि इससे विवाद खत्म नहीं हुआ। दीवारों पर दोबारा राजनीतिक नारे लिखे जाने लगे। 28 अगस्त: यूनिवर्सिटी के बाहर ‘10 हजार आवाजें-वंदे मातरम्’ कार्यक्रम शुभेंदु अधिकारी जादवपुर यूनिवर्सिटी के बाहर आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए, जहां करीब 10 हजार लोगों ने पूरा ‘वंदे मातरम्’ गाया। यहां अधिकारी ने लेफ्ट और TMC पर राष्ट्रवाद को कमजोर करने का आरोप लगाया और कैंपस में राष्ट्रवादी माहौल मजबूत करने की बात कही। असर: जादवपुर यूनिवर्सिटी के आसपास BJP की राजनीतिक गतिविधियां बढ़ीं। इसके बाद ABVP और लेफ्ट छात्र संगठनों ने कैंपस के अंदर-बाहर अपने-अपने कार्यक्रम और मार्च किए। 3 सितंबर : ABVP और लेफ्ट के आमने-सामने कार्यक्रम ABVP और BJP समर्थक संगठन ने यूनिवर्सिटी में कार्यक्रम किए। दूसरी तरफ SFI ने मुख्य गेट के बाहर मार्च और सभा की। दोनों पक्षों को आमने-सामने आने से रोकने के लिए पुलिस को बैरिकेडिंग करनी पड़ी। इस दौरान कैंपस में ग्रैफिटी और उसके जवाब में दूसरी ग्रैफिटी लिखने का सिलसिला तेज हो गया। असर: जादवपुर की दीवारें वैचारिक टकराव का नया केंद्र बन गईं। बाद में ABVP कार्यकर्ताओं ने ‘ फ्री पीओके’ और ‘अखंड भारत’ जैसे नारे लिखे। इसी बीच ‘भगवा’ को लेकर अलग विवाद हुआ कोलकाता में कथित BJP समर्थकों ने पहले अकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स के एक हिस्से को भगवा रंग दिया। इसके कुछ दिन बाद एक बंगाली अखबार के दफ्तर की दीवार के हिस्से को भी भगवा रंग दिया गया। यह उस अखबार की जादवपुर झड़प को लेकर प्रकाशित एक हेडलाइन के विरोध में किया गया था। इसके बाद ‘भगवा रंग’ और उसके राजनीतिक इस्तेमाल को लेकर विवाद बढ़ा। BJP नेतृत्व ने अखबार के दफ्तर वाली घटना से दूरी भी बनाई। असर: 9 सितंबर को ‘भगवा सम्मान यात्रा’ इन्हीं घटनाओं के बीच BJP ने कहा कि भगवा रंग को बदनाम किया जा रहा है। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने गोलपार्क से जादवपुर यूनिवर्सिटी के पास 8B बस स्टैंड तक करीब 3 किमी की ‘भगवा सम्मान यात्रा’ निकाली। बंगाल में दुर्गा अष्टमी पर शराब बिक्री बंद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सोमवार को इस साल की दुर्गा पूजा के लिए कई नए निर्देशों की घोषणा की। इसमें महाअष्टमी पर शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध और विसर्जन जुलूस के दौरान डीजे के इस्तेमाल पर प्रतिबंध शामिल है। प्रशासन ने पूजा के बाद होने वाले मेले को भी रद्द कर दिया है। यह आयोजन पूर्व सीएम ममता बनर्जी के कार्यकाल के दौरान शुरू किया गया था। दुर्गा पूजा के दौरान आयोजित होने वाले मेले केवल मनोरंजन का साधन नहीं हैं, बल्कि ये बंगाल की सामाजिक और सांस्कृतिक एकता का प्रतीक हैं। ये मेले लोगों को एक-दूसरे से जुड़ने, सामुदायिक भावना को मजबूत करने और पारंपरिक कला व हस्तशिल्प को बढ़ावा देने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं। ----------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल सरकार के विज्ञापन में मां दुर्गा के 11 हाथ:विवाद होने पर सीएम शुभेंदु ने माफी मांग, कहा- भविष्य में सतर्क रहेंगे पश्चिम बंगाल सरकार के सोमवार को राज्य के अखबारों में एक विज्ञापन जारी किया। अब इस विज्ञापन में छपी मां दुर्गा की तस्वीर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पूरी खबर पढ़ें…