हनुमानगढ़ के गोलूवाला में एक 64 वर्षीय किसान से फसल खरीदने के बाद भुगतान नहीं करने और बैंक के काम के नाम पर लिए गए खाली चेक व स्टाम्प के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। किसान का आरोप है कि फर्म संचालक ने फसल की रकम देने के बजाय उसके हस्ताक्षर किए हुए चार खाली चेक अपने पास रख लिए और बाद में उनमें से एक चेक में मनमानी राशि भरकर कानूनी नोटिस भेज दिया। मामले में कोर्ट के आदेश पर गोलूवाला पुलिस ने फर्म संचालक के खिलाफ धोखाधड़ी और अमानत में खयानत सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। 2022 में पूरी फसल फर्म को बेची परिवादी देवीलाल (64), पुत्र गोपीराम, निवासी वार्ड नंबर 04, चक 15 एलकेडी लखासर ने रिपोर्ट में बताया कि वर्ष 2022 में उन्होंने अपनी पूरी फसल गोलूवाला स्थित रामचंद्र नरेश कुमार फर्म को बेची थी। फर्म के प्रोपराइटर रामचंद्र पुत्र हेमराज हैं। फसल बेचने के बाद जब उन्होंने अपनी रकम का भुगतान मांगा तो प्रोपराइटर ने बैंक के माध्यम से भुगतान करने की बात कही। बैंक प्रक्रिया की जानकारी नहीं थी, इसलिए दे दिए खाली चेक रिपोर्ट के अनुसार, आरोपी ने बैंक की प्रक्रिया पूरी करने के लिए देवीलाल से खाते के चेक और स्टाम्प मांगे। बैंक संबंधी प्रक्रिया की जानकारी नहीं होने और आरोपी पर विश्वास होने के कारण किसान ने पीएनबी और एसबीआई बैंक के दो-दो खाली चेकों पर हस्ताक्षर कर उन्हें सौंप दिया। इसके साथ ही स्टाम्प पर भी हस्ताक्षर कर दिए। फसल का भुगतान नहीं किया, चेक-स्टाम्प भी नहीं लौटाए किसान का आरोप है कि चेक और स्टाम्प लेने के बावजूद आरोपी ने फसल की राशि का भुगतान नहीं किया। जब देवीलाल ने अपने चेक और स्टाम्प वापस मांगे तो आरोपी लगातार टालमटोल करता रहा। किसान के अनुसार, काफी समय बीतने के बाद भी न तो फसल की रकम मिली और न ही उसके दस्तावेज लौटाए गए। सितंबर 2025 में खाली चेक में राशि भरकर भेजा नोटिस परिवादी के अनुसार, सितंबर 2025 में आरोपी ने उन्हीं चेकों में से एक में अपनी मर्जी से राशि भरकर उसे कानूनी नोटिस भेज दिया। देवीलाल का कहना है कि आरोपी की फर्म पर उसकी कोई देनदारी नहीं थी और चेक खाली अवस्था में केवल बैंक भुगतान की प्रक्रिया के लिए दिए गए थे। पैसे मांगने पहुंचे तो और रकम देने का आरोप रिपोर्ट में बताया गया कि देवीलाल अपने साथी निहालचंद के साथ फर्म पर अपनी रकम मांगने पहुंचे। आरोप है कि इस दौरान आरोपी ने चेक और स्टाम्प वापस करने के बदले और पैसे देने की मांग की। साथ ही पैसे नहीं देने पर झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। पुलिस से कार्रवाई नहीं हुई तो कोर्ट पहुंचे देवीलाल ने मामले को लेकर 13 अक्टूबर 2025 को न्यायिक मजिस्ट्रेट गोलूवाला और पुलिस अधीक्षक हनुमानगढ़ को प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप है कि शुरुआत में मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद परिवादी ने न्यायालय की शरण ली। कोर्ट के आदेश पर गोलूवाला थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। इन धाराओं में दर्ज हुआ केस पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) और 316(2) तथा रिपोर्ट में उल्लेखित भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420 और 406 के तहत मामला दर्ज किया है। प्रकरण की जांच सहायक उप निरीक्षक श्री भगवान को सौंपी गई है। पुलिस अब किसान द्वारा लगाए गए आरोपों, चेक-स्टाम्प के इस्तेमाल और कथित बकाया राशि से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।