जयपुर में एक सरकारी अधिकारी के नशे में कार दौड़ाकर लोगों की जिंदगी को खतरा पहुंचाने का मामला सामने आया है। एक कार को दो बार टक्कर मारकर भागते समय दो-तीन जगह राहगीर चपेट में आने से बाल-बाल बच गए। कार मालिक ने तीन किलोमीटर पीछा कर पकड़ा तो नशे में धुत ड्राइवर (अधिकारी) ने उससे मारपीट की औरा कार भागने की कोशिश की। वैशाली नगर थाना पुलिस ने एमवी एक्ट में कार को जब्त कर ड्राइवर (अधिकारी) को छोड़ दिया। आरोप है कि शिकायत देने पर पुलिस ने FIR दर्ज नहीं की। नशे में धुत ड्राइवर की तरफदारी (पक्ष) कर बोली- बेचारा ट्रांसफर होने से परेशान है। वैशाली नगर थाने में पीड़ित संतोष सिंह तंवर (45) निवासी रमेश नगर खिरणी फाटक ने शिकायत दी। वह दुबई पोर्ट्स में रीजनल मैनेजर हैं। आरोप है कि वह गुरुद्वारा वैशाली नगर के सामने कार खड़ी कर रहे थे। उसी दौरान पीछे से एक कार ने टक्कर मारी। देखने के लिए नीचे उतरते समय दोबारा टक्कर मारकर ड्राइवर कार भगा ले गया। कार को टक्कर मारकर भागने पर संतोष ने अपनी कार से पीछा किया। वैशाली सर्किल की रेड लाइट तोड़कर ड्राइवर कार को भागा ले गया। अब देखिए ये तीन फोटोज… दो-तीन जगह बचे राहगीर ओवर स्पीड में कार दौड़ाने के समय दो-तीन जह राहगीर चपेट में आने से बचे। करीब 3 किलोमीटर पीछा कर संतोष ने कार रोकने के लिए आगे लगाई। ड्राइवर ने रोकने की बजाए कार को टक्कर मारी। साइड हटाने पर दोबारा कार दौड़ाकर आगे ले गया। रोड का काम चलने की वजह से उसकी कार रोड़ी-कंकर में फंस गई। कार रोककर पकड़ने के दौरान ड्राइवर ने गला पकड़कर संतोष के साथ मारपीट की। छाती पर तीन-चार पंच मारने के बाद फंसी कार को लेकर भागने की कोशिश की। शराब के नशे में मिलने पर ड्राइवर को लोगों ने पकड़ लिया। सूचना पर पहुंची वैशाली नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। नशे में ड्राइवर के होने के साथ ही कार में शराब की बोतल भी मिली। पुलिस ने एमवी एक्ट में कार को जब्त कर ड्राइवर को छोड़ दिया। शिकायत पर नहीं दर्ज की FIR पीड़ित संतोष सिंह का आरोप है कि शराब के नशे में ड्राइवर ने उसकी कार को तीन बार टक्कर मारी। पकड़ने पर उसके साथ मारपीट की। नशे में कार दौड़ाते समय कई राहगीर की जान बाल-बाल बची। इस संबंध में लिखित शिकायत देने पर पुलिस ने FIR दर्ज करने से मना कर दिया। आरोप है कि थाने में मौजूद पुलिसकर्मी कुछ देर बाद ही नशे में धुत ड्राइवर के पक्ष में बोलने लगे। पुलिसकर्मी बोले- सरकारी डिपोर्टमेंट में अधिकारी है। ट्रांसफर होने के कारण परेशान है। FIR दर्ज कराने के लिए जोर देने पर धमकाया- कार्रवाई कर दी है अब क्या इसे फांसी पर चढ़ा दें। SHO (वैशाली नगर) अरविंद सिंह का कहना है- पीड़ित की ओर से शिकायत नहीं दी गई। डीसीपी वेस्ट की ओर से भी मार्क कर भेजा गया। पीड़ित को आज भी बुलाया है। शिकायत देने पर हमारी ओर से FIR दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।