जयपुर के गोपालपुरा बाइपास पर चल रहे कोचिंग इंस्टीट्यूट को लेकर जेडीए ने सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को पालना रिपोर्ट पेश की। रिपोर्ट में जेडीए ने माना कि गोपालपुरा बाइपास पर संचालित हो रही कोचिंग नियमों के विपरीत हैं। हमने 116 कोचिंग और लाइब्रेरी को नोटिस जारी किए हैं। अभी तक हम 44 कोचिंग और लाइब्रेरी को सील कर चुके हैं। जेडीए ने सुप्रीम कोर्ट से आगे की कार्रवाई के लिए समय भी मांगा। वहीं ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ ने भी सुप्रीम कोर्ट में पार्टी बनने के लिए प्रार्थना पत्र लगाते हुए कहा- हम प्रताप नगर में कोचिंग हब में जाने को तैयार हैं, लेकिन सरकार कोचिंग हब की रेट कम करें। दरअसल, 10बी विकास समिति ने सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र लगाकर गोपालपुरा बाइपास से कोचिंग इंस्टीट्यूट शिफ्ट करने की मांग की है। इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 4 अगस्त को जेडीए से जवाब मांगा था। जयपुर में भी दिल्ली जैसे हादसे की आशंका दरअसल, सुप्रीम कोर्ट गुरुवार को दिल्ली में हुए हॉस्टल हादसे के बाद सुनवाई कर रही थी। इसमें वरिष्ठ अधिवक्ता आरडी रस्तोगी ने कहा- जयपुर में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भी जेडीए ने केवल दिखावटी कार्रवाई की है। जेडीसी द्वारा पेश शपथ पत्र में कोचिंग इंस्टीट्यूट को अवैध माना गया है, लेकिन आज भी वहां धड़ल्ले से बड़े कोचिंग सेंटर संचालित हो रहे हैं। इनके कारण रिहायशी कॉलोनियों में हॉस्टल, पीजी इत्यादि चल रहे हैं। जहां कभी भी दिल्ली जैसा हादसा हो सकता है। लॉटरी से करें आवंटन ऑल कोचिंग इंस्टीट्यूट महासंघ ने सुप्रीम कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश करके पार्टी बनाने की मांग की। प्रार्थना पत्र में महासंघ ने कहा- सरकार प्रताप नगर कोचिंग हब में ई-ऑक्शन कर रही हैं। जबकि कोचिंग हब कोचिंग इंस्टीट्यूट के लिए ही बनाया गया था। ऐसे में सरकार हमें लॉटरी के माध्यम से जगह का आवंटन करें और तय रेट में कमी करें। अब सुप्रीम कोर्ट 15 सितंबर को मामले की सुनवाई करेगा।