सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के सत्य निकेतन में PG हादसे में आज सुनवाई की। कोर्ट ने मामले को हाईकोर्ट में रखने का फैसला लिया है। सुनवाई के दौरान जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा कि हम मौजूदा स्थिति को बदलना नहीं चाहते हैं। इससे पहले कोर्ट ने 8 सितंबर को कहा था कि मामला केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि देशभर में जर्जर-अवैध इमारतों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। 7 सितंबर को दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इस मामले में सुनवाई की थी। हाईकोर्ट ने कहा था- हादसे के लिए दिल्ली नगर निगम और दिल्ली यूनिवर्सिटी दोनों जिम्मेदार हैं। सत्य निकेतन में 6 सितंबर को पांच मंजिला PG बिल्डिंग गिरने से 7 लोगों की मौत हुई थी। मामले में बुधवार तक 5 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। MCD और सरकार से जवाब मांगा 7 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने एमसीडी (MCD), दिल्ली सरकार, केंद्र सरकार, एनएचआरसी (NHRC) और दिल्ली यूनिवर्सिटी से 10 दिन में जवाब मांगा था। इसके बाद बुधवार को सीएम ने MCD को अवैध PG हॉस्टलों की जांच के निर्देश भी दिए हैं। MCD ने PG बिल्डिंग के पास की इमारतों को गिराना शुरू कर दिया है। इन इमारतों में गर्ल्स PG था। लड़कियां PG खाली कर दूसरी जगह शिफ्ट हो रही हैं। मामले में MCD ने अब तक 8 अधिकारियों को सस्पेंड किया है। 5 अधिकारियों को मंगलवार को सस्पेंड किया गया था। वहीं, 3 को आज सस्पेंड किया गया है। PG मालिक, संचालक और लेबर कॉन्ट्रैक्टर गिरफ्तार दिल्ली पुलिस ने PG हादसे में बुधवार को सुधांशु नाम के युवक को गिरफ्तार किया है। वह बिल्डिंग में हॉस्टल डेज नाम से PG चला रहा था। उसका पार्टनर शुभम त्यागी फरार है। दोनों ने अगस्त 2025 में बिल्डिंग लीज पर ली थी। इससे पहले बिल्डिंग मालिक हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला, बेटे महेश और लेबर कॉन्ट्रैक्टर सनोज को गिरफ्तार किया जा चुका है। सोमवार रात हरिराम बंसल, उनकी पत्नी उर्मिला और बेटे महेश को पटियाला हाउस कोर्ट में पेश किया गया। जस्टिस भव्य खराल ने हरिराम और उर्मिला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया, जबकि महेश को 2 दिन की पुलिस हिरासत मिली। पुलिस रिमांड के दौरान महेश ने बताया कि PG चलाने वाली कंपनी की शिकायत पर बेसमेंट में जमा पानी और सीलन की दिक्कत दूर करने के लिए मरम्मत कराई जा रही थी। बेसमेंट से पानी निकालने के बाद निर्माण कार्य के दौरान पावर ट्रोवेल मशीन भी चलाई जा रही थी। पुलिस को आशंका है कि मशीन से पैदा हुई कंपन और पहले से कमजोर संरचना के कारण बिल्डिंग भरभराकर गिर गई। ठेकेदार बोला- 10 दिन पहले रेनोवेशन के लिए लगाया था पूछताछ में ठेकेदार सनोज ने बताया कि महेश गुप्ता ने उसे 10 दिन पहले रेनोवेशन के लिए लगाया था। उसे 2800 रुपये रोज मिलते थे। काम बेसमेंट को ग्राउंड फ्लोर के बराबर लेवल करने का था, जिसके लिए बेसमेंट में करीब 3 ट्रक मलबा भरा गया था। ग्राउंड फ्लोर पर दुकान की जगह में एक दीवार रुकावट बन रही थी। हादसे वाले दिन जगह बनाने के लिए उस दीवार को हटा दिया गया। दीवार हटते ही कमजोर इमारत लोड नहीं झेल पाई और ढह गई। सत्य निकेतन से PG खाली कर रहे स्टूडेंट्स MCD के साउथ जोन के 5 अधिकारी सस्पेंड सत्य निकेतन हादसे के बाद MCD ने साउथ जोन के डिप्टी कमिश्नर राकेश कुमार को सोमवार को सस्पेंड कर दिया। उनके साथ चार इंजीनियरिंग अधिकारियों को भी विभागीय कार्रवाई पूरी होने तक सस्पेंड किया गया है। इसके बाद IAS अधिकारी शाश्वत सौरभ को MCD के साउथ जोन का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। 2016 बैच के AGMUT कैडर के IAS अधिकारी सौरभ अभी साउथ वेस्ट जोन के डिप्टी कमिश्नर हैं। -------------------- दिल्ली PG हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… दिल्ली में अवैध निर्माण वाली इमारतों पर बुलडोजर चलेगा:CM का निर्देश- सभी हॉस्टलों की जांच करें परिवार ने बेटे की आंखें दान कीं: पिता बोले- काश बेटे को हॉस्टल से निकाल पाता एक कमरे का रेंट ₹15 हजार, एग्रीमेंट में सुरक्षा से पल्ला झाड़ने की शर्त: 3 महीने की सिक्योरिटी मनी भी ली दिल्ली हाईकोर्ट बोला- हादसे के लिए नगर निगम जिम्मेदार: सरकार भी जवाबदेही से नहीं बच सकती छात्र बोले- 10 मिनट पहले निकले, नहीं तो दबे होते: बिल्डिंग की दीवारों से दरकने की आवाजें आ रही थीं