भीलवाड़ा | सांगानेरी गेट पर 472 साल पुराने और वृंदावन के प्रेम मंदिर की तर्ज पर बने दूदाधारी गोपाल मंदिर में में दो दिवसीय जन्माष्टमी पर्व 5 व 6 सितंबर को मनाया जाएगा। पहले दिन भगवान का जन्मोत्सव मनेगा। दूसरे दिन नंद महोत्सव मनाया जाएगा। मल्लखंभ व मटकी फोड़ लीला होगी। ठाकुरजी दूदाधारी गोपाल व राधारानी को पीत पोशाक धारण करा स्वर्ण शृंगार कराया जाएगा। नाखून से लेकर सिर तक स्वर्ण शृंगार होगा। रोज नई झांकियां, झूले और फूल बंगले सजाए जा रहे हैं। निंबार्क परंपरा के कारण जन्माष्टमी कल पुजारी कल्याण शर्मा के अनुसार, निंबार्काचार्य पीठाधीश्वर श्यामशरण देवाचार्य श्रीश्रीजी महाराज के निर्देश पर जन्माष्टमी चार के बजाय पांच सितंबर को तथा नंद महोत्सव 6 सितंबर को मनाएंगे। नंद महोत्सव से पहले बधाई गान होता है।