नगर निकाय चुनाव के लिए पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था का पूरा खाका तैयार कर लिया है। चुनाव के दोनों चरणों में जिलेभर में 4300 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। पहले चरण के मतदान के लिए 2200 से अधिक और दूसरे चरण के लिए 2100 से अधिक पुलिसकर्मियों का जाब्ता लगाया जाएगा। इसके अलावा निगरानी के लिए प्रत्येक 10 मतदान केंद्रों पर एक सेक्टर पुलिस अधिकारी और 10 वार्डों के क्लस्टर पर एक सुपरविजन पुलिस अधिकारी तैनात रहेगा। शनिवार को सूचना केंद्र सभागार में सेक्टर मजिस्ट्रेटों और एरिया मजिस्ट्रेटों का एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के दौरान चुनाव को निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए अधिकारियों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में बताया गया। प्रशिक्षण प्रकोष्ठ के नोडल अधिकारी एवं एसीईओ रामनिवास के निर्देशन में आदर्श आचार संहिता, मतदान प्रक्रिया, ईवीएम संचालन, पोस्टल बैलेट और चुनावी दायित्वों की विस्तार से जानकारी दी गई। हर गतिविधि पर रहेगी पुलिस की नजर एएसपी देवेंद्र सिंह राजावत ने बताया कि चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक रणनीति तैयार की गई है। एरिया मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों की संयुक्त बैठक में सभी जिम्मेदारियां तय कर दी गई हैं। उन्होंने बताया कि पहले चरण के मतदान के लिए 2200 से अधिक और दूसरे चरण के लिए 2100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इसके अलावा प्रत्येक 10 मतदान केंद्रों पर एक सेक्टर पुलिस अधिकारी और प्रत्येक 10 वार्डों के क्लस्टर पर एक सुपरविजन पुलिस अधिकारी नियुक्त रहेगा। ये अधिकारी मतदान के दौरान लगातार क्षेत्र का दौरा कर स्थिति पर नजर रखेंगे और किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। अतिरिक्त जिला कलेक्टर अजय आर्य ने कहा कि राज्य निर्वाचन आयोग की मंशा के अनुरूप चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और भयमुक्त वातावरण में कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी सेक्टर एवं एरिया मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए कि वे अपने दायित्वों का पूरी गंभीरता और सतर्कता के साथ निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि प्रशासन के पास पर्याप्त पुलिस बल उपलब्ध है और किसी भी प्रकार की चुनौती से निपटने के लिए सभी अधिकारी समन्वय बनाकर कार्य करें। अधिकारियों को दी गई चुनाव प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी प्रशिक्षण के दौरान अधिकारियों को आदर्श आचार संहिता के पालन, मतदान केंद्रों पर व्यवस्थाओं, ईवीएम की कार्यप्रणाली, पोस्टल बैलेट की प्रक्रिया, मतदान दलों के समन्वय और आकस्मिक परिस्थितियों में अपनाई जाने वाली कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया, जिससे मतदान दिवस पर किसी प्रकार की परेशानी न आए। चुनाव के लिए वाहनों का अधिग्रहण अंतिम चरण में बैठक में परिवहन इंस्पेक्टर रमेश कुमार यादव ने बताया कि चुनाव में पोलिंग पार्टियों और सुरक्षा बलों की आवाजाही के लिए वाहनों के अधिग्रहण का कार्य तेज गति से चल रहा है। छोटे वाहनों के साथ मिनी बसों की भी व्यवस्था की जा रही है ताकि मतदान दलों को समय पर उनके गंतव्य तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने बताया कि खेतड़ी, बुहाना और सूरजगढ़ क्षेत्र के वाहनों की व्यवस्था खेतड़ी परिवहन विभाग करेगा, जबकि झुंझुनूं नगर परिषद सहित अन्य नगरपालिकाओं के लिए वाहन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी झुंझुनूं परिवहन विभाग को सौंपी गई है। दोनों चरणों के मतदान के अनुसार वाहनों की सूची तैयार कर अंतिम रूप दिया जा चुका है।