जोधपुर जिले में श्री संभवनाथ राधे गोविंद गोशाला में फर्जीवाड़ा कर 1 करोड़ राशि और सरकारी अनुदान हड़पने का मामला दर्ज किया गया था। डांगियावास थाना क्षेत्र के बिसलपुर स्थित गोशाला में गायों के अनुदान राशि में फर्जीवाड़ा करने का आरोप लगाने वाले परिवादी जोराराम ने बताया- मेरे खिलाफ थाने में एक साल पहले झूठी शिकायत दर्ज कराई थी। पहले तब इस फर्जीवाड़े के खिलाफ आवाज उठाई थी। जब इसकी जांच हुई तो सामने आया कि रामप्रकाश ने मेरे खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवाया था। जोराराम ने बताया- आरोपियों ने फर्जी कार्यकारिणी में हनुमान सिंह राजपूत के फर्जी साइन कर दिए, जबकि उन्होंने साल 2006 में ही इस्तीफा दे दिया था। वहीं डांगियावास थाना अधिकारी राजूराम काला ने कहा- प्रारंभिक तौर पर वर्चस्व की लड़ाई सामने आ रही है। गबन हुआ या नहीं, इसका पता जांच के बाद ही लग सकेगा। पांच पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज बता दें कि डांगियावास थाना क्षेत्र के श्री राधे संभवनाथ गोशाला में गायों के अनुदान राशि में फर्जीवाड़ा करने और कार्यकारिणी बनाने के मामले में कोर्ट के आदेश पर 26 अगस्त को मामला दर्ज किया गया है। मामले में कथावाचक स्वामी रामप्रकाश, रामविचार महाराज सहित पांच पदाधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस इसकी जांच कर रही है। परिवादी बोला- फर्जीवाड़ा कर दोनों भाई बने पदाधिकारी परिवादी जोराराम ने बताया- रामविचार और रामप्रकाश महाराज दोनों सगे भाई हैं और कथा करते हैं। दोनों ने फर्जीवाड़ा किया, जिसमें एक अध्यक्ष बन गया और दूसरा कोषाध्यक्ष बन गया। हमारी पहले कार्यकारिणी बनी हुई थी, उसकी जगह नई कार्यकारिणी बना दी। परिवादी जोराराम ने बताया- धर्मानंद महाराज पहले गोशाला चलाते थे। उनके जीवित रहते एक कमेटी बनी हुई थी, जिसमें मैं अध्यक्ष था। धर्मानंद महाराज का 14 फरवरी 2025 को निधन हो गया था। तब कोषाध्यक्ष मोडाराम जाणी थे, उनका भी 17 मार्च 2025 को निधन हो गया था। इसके बाद पांचों आरोपी रामप्रकाश पुत्र रेंवतराम देवासी, रामविचार पुत्र रेंवतराम देवासी निवासी उम्मेद नगर और कालूराम पुत्र लादूराम मेघवाल निवासी बिसलपुर, नथमल शर्मा निवासी खोखरिया और गोशाला अकाउंटेंट हरिभजन निवासी मेड़ता ने मिलकर फर्जी कार्यकारिणी बनाई। SHO बोले- पिछले साल से गोशाला को मिल रहा अनुदान डांगियावास थाना अधिकारी राजूराम काला ने बताया- संभवनाथ राधे गोविंद गोशाला पांच गांवों के सार्वजनिक सहयोग से 20 साल से संचालित की जा रही है। पहले ये गोशाला अनुदानित नहीं थी। पिछले साल ही ये गोशाला अनुदानित हुई थी। इसमें 42 लाख रुपए का अनुसंधान राज्य सरकार से आया था। इसमें प्रथम दृष्टया सामने आया कि ये वर्चस्व की लड़ाई है। अभी पैसों के गबन का कह नहीं सकते हैं, जांच चल रही है। निर्वाचित ओर अनिर्वाचित कार्यकारिणी को लेकर प्रार्थी जोराराम ने कोर्ट के माध्यम से इस्तगासे के जरिए मामला दर्ज करवाया है। थाना अधिकारी राजूराम काला ने बताया- 14 फरवरी 2025 को धर्मानंद महाराज की मृत्यु होने के बाद पांच गांव के लोगों ने मिलकर निर्वाचित कार्यकारिणी के चुनाव करवाए। इसमें सर्वसम्मति से संत रामप्रकाश को निर्वाचित अध्यक्ष चुना गया। अब कोर्ट के आदेश से मामला दर्ज हुआ है। इसमें अब संबंधित विभाग से दस्तावेज मांगे गए हैं। इनके मिलने के बाद जांच की जाएगी। जांच में ही तय हो पाएगा कि गबन हुआ है या नहीं। …….. यह खबर भी पढ़ें... गोशाला के नाम पर फर्जीवाड़ा, 1 करोड़ हड़पने का आरोप:संत धर्मानंद महाराज के निधन के बाद बनाई फर्जी कार्यकारिणी; मामला दर्ज जोधपुर जिले में डांगियावास थाना क्षेत्र के बिसलपुर स्थित श्री संभवनाथ राधे गोविंद गोशाला में फर्जीवाड़ा कर 1 करोड़ से ज्यादा राशि और सरकारी अनुदान हड़पने का सनसनीखेज मामला सामने आया। कोर्ट के इस्तगासे के जरिए बुधवार को पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। (पूरी खबर पढ़ें)