करौली जिले के कुड़गांव क्षेत्र में 77वां जिला स्तरीय वन महोत्सव मनाया गया। यह महोत्सव बीजलपुर गांव के पास स्थित मॉडल नर्सरी में हुआ। इस साल पौधारोपण अभियान को 'मां यशोदा के नाम' थीम दी गई थी। इस दौरान अधिकारियों, वन विभाग के कर्मचारियों, शिक्षकों और छात्रों ने पौधे लगाए। उन्होंने पर्यावरण बचाने और हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया। कार्यक्रम में कई बड़े अधिकारी शामिल हुए। इनमें जिला प्रभारी सचिव सुची त्यागी, जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रताप सिंह मौजूद थे। आईएफएस अधिकारी हरिकृष्ण सारस्वत और डीएफओ ओमप्रकाश जांगिड़ भी वहां थे। इनके अलावा वन विभाग के कर्मचारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र भी कार्यक्रम में पहुंचे। वन महोत्सव में अधिकारियों ने अलग-अलग तरह के पौधे लगाए। जिला प्रभारी सचिव सुची त्यागी ने बरगद का पौधा लगाया। जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने कल्पवृक्ष, पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल ने अर्जुन का पौधा लगाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव प्रताप सिंह ने एक फूलदार पौधा लगाया। डीएफओ ओमप्रकाश जांगिड़ ने भी पौधारोपण किया। इस मौके पर अच्छा काम करने वाले वन मित्रों और वन विभाग के कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। जिला कलेक्टर अक्षय गोदारा ने बताया कि राज्य सरकार के कहने पर यह जिला स्तरीय वन महोत्सव हुआ है। कृष्ण जन्माष्टमी के मौके को देखते हुए इस बार अभियान को 'मां यशोदा के नाम' थीम दी गई है। इसका मकसद ज्यादा से ज्यादा लोगों को पौधारोपण से जोड़ना है। साथ ही, पर्यावरण बचाने के लिए लोगों को जागरूक करना भी इसका लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों, स्कूलों और छात्रों को जोड़कर इस अभियान को जन आंदोलन बनाने की कोशिश की जा रही है। कलेक्टर ने सभी लोगों से अपील की कि वे पौधे लगाने के बाद उनकी ठीक से देखभाल करें। उन्होंने कहा कि पौधों को पेड़ बनने तक सुरक्षित रखा जाए।