डीडवाना-कुचामन के खूनखुना गांव में राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, डीडवाना-कुचामन की ओर से ‘नारी संवाद’ महिला कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में ग्रामीण महिलाओं को उनके कानूनी अधिकारों, सुरक्षा संबंधी कानूनों और मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी दी गई। घरेलू हिंसा, मानसिक व शारीरिक उत्पीड़न और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों पर भी महिलाओं से संवाद किया गया। जिला न्यायाधीश के निर्देश पर हुआ आयोजन शिविर का आयोजन जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष नाहर सिंह मीणा के निर्देश पर तथा प्राधिकरण के सचिव विकास ऐचरा के मार्गदर्शन में किया गया। इसमें बड़ी संख्या में गांव की महिलाओं और ग्रामीणों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करने के साथ न्याय पाने की प्रक्रिया से परिचित कराना रहा। आर्थिक कमजोरी न्याय की राह में बाधा नहीं संवाद के दौरान महिलाओं को बताया गया कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण किसी व्यक्ति को न्याय से वंचित नहीं रहना पड़े, इसके लिए कानून में मुफ्त कानूनी सहायता, वकील और कानूनी सलाह की व्यवस्था है। महिलाओं को जरूरत पड़ने पर उपलब्ध कानूनी सेवाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया गया। घरेलू हिंसा और उत्पीड़न पर समझाया कानून शिविर में महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों और उनसे बचाव के लिए उपलब्ध कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई। घरेलू हिंसा के साथ मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न की स्थिति में महिलाओं को अपने अधिकारों और कानूनी उपायों के बारे में बताया गया। साथ ही किसी भी तरह के अत्याचार की स्थिति में उचित कानूनी मंच तक पहुंचने का आह्वान किया गया। बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानून भी बताए कार्यक्रम में बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानून और उपलब्ध सुरक्षा व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। महिलाओं को बच्चों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए उपलब्ध कानूनी उपायों की जानकारी दी गई, ताकि जरूरत पड़ने पर वे समय रहते उचित कदम उठा सकें। सवालों से जीवंत हुआ ‘नारी संवाद’ शिविर के दौरान महिलाओं ने कानून और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कई सवाल पूछे। उनकी शंकाओं का समाधान किया गया। सवाल-जवाब के इस दौर के चलते कार्यक्रम महज कानूनी जागरूकता शिविर तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वास्तविक अर्थों में ‘नारी संवाद’ का रूप ले गया। कानून में महिला-पुरुष को समान न्याय का अधिकार कार्यक्रम में डिप्टी चीफ हरफूल राव और आरती सिखवाल समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं और गांव के लोग मौजूद रहे। इस दौरान महिलाओं को संदेश दिया गया कि कानून प्रत्येक महिला को सुरक्षा और न्याय पाने का समान अधिकार देता है। इसलिए अपने अधिकारों को पहचानना और जरूरत पड़ने पर उनका सही तरीके से इस्तेमाल करना जरूरी है।