कोटा में किसी भी वार्ड या गली की समस्या हो, ‘भास्कर समाधान’ से सीधे जिम्मेदार विभाग तक पहुंचती है। शिकायत सामने आते ही संबंधित विभाग भी एक्शन ले रहे हैं। समाधान होने से लोगों का भरोसा बता रहा है कि ‘भास्कर समाधान’ अब सिर्फ ‘शिकायत का मंच’ नहीं, ‘समाधान की नई उम्मीद’ बन चुका है। आज की समस्याओं पर नजर डालने से पहले जानते हैं उन समाधानों के बारे में जिसने लोगों को राहत देने का काम किया है… कई दिनों से टूटे चैम्बर का नया ढक्कन लगाया अशोक ब्लॉक, विज्ञान नगर से दीपक कुमार मीना ने गटर के टूटे ढक्कन की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया था कि हमारे मोहल्ले में मकान संख्या 4 प 5 के सामने बना गटर का ढक्कन कई दिनों से टूटा हुआ है। बारिश में पानी भर जाने पर यह नजर भी नहीं आता है। इससे कोई भी बच्चा, बेसहारा पशु या बाइक सवार गिरकर घायल हो सकता है। 181 पर भी शिकायत कर चुके हैं लेकिन इस संभावित खतरे को कोई देखने तक नहीं आया। 'भास्कर समाधान' पर इस समस्या के शेयर होते ही निगम ने टूटे ढक्कन को बदलकर नया लगवा दिया है। केईडीएल के हर्ष सोनी बने ‘पब्लिक के स्टार’ कोटा के पठान रोड, यूआईटी कॉलोनी, प्रेम नगर–2, कैला माता मंदिर से टोनी ने एरिया के ट्रांसफॉर्मर की डीपी और पोल पर बेल फैलने की समस्या पोस्ट की थी। उन्होंने बताया था कि बेल फैलने से आसपास के घरों के लोग हमेशा करंट और शॉर्ट सर्किट के खतरे में रहते हैं। डीपी के नीचे काफी गंदगी भी रहती है जिसे निगम के कर्मचारी कभी साफ नहीं करते हैं। समस्या के पोस्ट होने के बाद केईडीएल में सिविल डिपार्टमेंट के हैड हर्ष सोनी ने समस्या का समाधान करवा कर स्थानीय लोगों को राहत दी है। एप से लोगों को मिल रहा समाधान अपने क्षेत्र की समस्याएं पोस्ट कर यूजर विभागों और जिम्मेदारों को जमीनी हकीकत बता रहे हैं और अधिकारी अपनी टीम से उसका समाधान भी करवा रहे हैं। आप भी अपने क्षेत्र, वार्ड, सेक्टर, गांव या गली की समस्या हमें पोस्ट कर सकते हैं। भास्कर एप पर अपनी समस्या पोस्ट करने लिए यहां क्लिक कीजिए… अब उन समस्याओं पर एक नजर जिनके समाधान अभी विभागीय प्रक्रिया में हैं… पार्क में डीपी और खुले बिजली बॉक्स, बच्चों को खतरा शहर की वीआईपी कॉलोनी, तलवंडी से मुरली मनोहर जैन ने निगम का ध्यान पार्क में बिजली के खुले बॉक्स की तरफ दिलाया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि हमारे यहां पार्क में ज्यादातर पोल के नीचे लगे बिजली के बॉक्स और डीपी खुली हुई हैं। सुबह–शाम यहां बच्चे खेलते हैं। बारिश के मौसम में कोई भी अनहोनी हो सकती है। इन खुली डीपी और बॉक्स को बंद कर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करवाएं। इस संबंध में कई बार निगम के अधिकारियों और लाइनमैन को कह चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं की जा रही है। गड्‌ढों भरी सड़क से स्कूली बच्चों का जोखिम भरा सफर कोटा के देओली रोड, बोरखेड़ा से अशोक शाह ने स्कूली बच्चों और टूटी–गड्‌ढों भरी सड़क का मुद्दा उठाया है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा है–‘बच्चों की राह इतनी मुश्किल क्यों? यह सड़क रोजाना करीब 3–4 स्कूलों के 1000 से 2000 बच्चों के आने–जाने का मुख्य रास्ता है। सैकड़ों राहगीर भी इसी रास्ते से गुजरते हैं। गड्‌ढों भरी इस टूटी–फूटी सड़क की खस्ता हालत के कारण सभी को बहुत परेशानी होती है। यह सिर्फ एक सड़क के खराब होने का मुद्दा नहीं है बल्कि बच्चों की सुरक्षा और सुविधा का सवाल भी है। संबंधित विभाग और प्रशासन से निवेदन है कि बच्चों की खातिर इस सड़क की जल्द मरम्मत करवाएं।’ 7 सालों में न सड़क सुधरी न अधिकारियों की लापरवाही देव नारायण मंदिर, पुरानी रोझड़ी से जीतू गुर्जर ने मुख्य रास्ते की बदहाल अवस्था दिखाते हुए जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने अपनी पोस्ट में बताया कि यह बदहाल कीचड़, मिट्‌टी और गड्‌ढों से भरा गांव का मुख्य रास्ता है जो देव नारायण मंदिर के पीछे से होकर जाता है। मंदिर आने वाले श्रद्धालू, स्कूली बच्चे और राहगीर सभी इस टूट–फूटे गड्‌ढे भरे सफर से बहुत परेशान हो चुके हैं। बहुत से बच्चों को चोट लग चुकी है। सात सालों में इस सड़क की किसी ने कोई सुध नहीं ली है। प्रशासन से अपील है कि इस रास्ते को सुधारकर बच्चों और गांव वालों की परेशानी दूर करें। मेन रोड के कोने पर बने ढांचे से दुर्घटना की आशंका केशवपुरा, महावीर नगर से गौरव शर्मा ने मुख्य सड़क किनारे बने चैम्बरनुमा ढांचे पर प्रशासन का ध्यान दिलाया है। उन्होंने बताया कि घटोत्कच सर्किल, रंगबाड़ी मेन रोड के कोने पर सरस पार्लर के पास 3 फीट चौड़ा और 4 फीट लंबा चैम्बरनुमा ढांचा बना रखा है। लेकिन वाहन चालकों के लिए कोई चेतावनी बोर्ड नहीं लगाया है। रात के अंधेरे में इससे कोई भी वाहन टकरा सकता है। उन्होंने लिखा है कि या तो इसे यहां से हटाया जाए या कम से कम इससे जुड़ा चेतावनी बोर्ड यहां लगाया जाए ताकि वाहन चालक सावधान रहें। पब्लिक की आवाज बना ‘भास्कर समाधान’ ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सीधे विभाग के उच्चाधिकारियों के सामने रखने की सुविधा देता है। लोगों से मिले जबरदस्त रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अब सीधे अधिकारियों तक पहुंच रहीं समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपने एक्शन के बारे में बता सकते हैं। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उन्हीं अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे कॉल भी कर सकते हैं। ‘भास्कर समाधान’ की ये खबरें भी पढ़िए… 1.*'भास्कर समाधान' में सुरेन्द्र बने 'पब्लिक के स्टार':* निगम को मृत गाय उठाने की फुर्सत नहीं, जाम ड्रेनेज सिस्टम से कॉलोनी परेशान 2.*'भास्कर समाधान': आपकी समस्या एक पोस्ट में हल:* कोटा में टूटी सड़क, बिजली और गड्‌ढे बड़ी समस्या, 15 दिन पुराना गड्‌ढा भरा, प्लॉट का कचरा उठा 3.*'भास्कर समाधान' पर प्रेमचंद बने 'पब्लिक के स्टार':* जिस नाले में गिरा बछड़ा, उसे अब तक नहीं ढका, पार्किंग में स्टॉल लगाई, गाड़ी भी नहीं खड़ी करने देते 4.*पार्षद तबस्सुम बनीं 'पब्लिक की स्टार':* पार्क में टूटे झूले, ग्राउंड पर कचरा, कहां खेलें नौनिहाल, 15 दिन से नहीं हटाया रास्ते पर गिरा पेड़ 5. *कोटा में रोड लाइट और नाली की समस्या का समाधान:* जर्जर मकान, कचरा और अधूरी नाली से बढ़ी परेशानी, अरुण झावा बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 6. *भास्कर समाधान: बंद स्ट्रीट लाइट का हुआ समाधान:* झूलते बिजली के तार, अधूरी सड़क-नाली जैसी समस्याओं से परेशान लोग, धर्मेंद्र कुमार बने आज के 'स्टार ऑफिसर' 7. *हैल्थ इंस्पेक्टर मनोज बने 'स्टार ऑफिसर':* नयागांव में लगी रोड लाइट, बोरखेड़ा में साफ हुई नालियां; मगरमच्छ और बंद वॉटर कूलर जैसी समस्या अब भी लंबित