कोटा नगर निगम के 100 वार्ड के सियासी रण में कई वार्ड ऐसे हैं, जो बेहद 'हॉट' बन गए हैं। किसी वार्ड में राजनीतिक फेरबदल और बगावत ने माहौल गरमाया है, तो कहीं प्रत्याशियों की भारी भीड़ और महापौर पद की दावेदारी ने इन वार्डों को सुर्खियों में ला दिया है। पार्षद के चुनाव के लिए 5 वार्ड हॉट सीट बने हुए है। वार्ड 88,वार्ड 83 और वार्ड 22, 19 और 45 पर सभी की नजर है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा कांग्रेस की हो रही है। कांग्रेस के टिकट वितरण के बाद अब उन वार्डों पर लोगों की नजरें है, जहां अनुभवी के टिकट काटे गए है। कांग्रेस ने ज्यादातर नए चेहरों पर दांव खेला है। साथ ही कुछ वार्ड ऐसे हैं जहां से महापौर के लिए भी दावेदारी हो सकती है, ऐसे में ये वार्ड भी हॉट बने हुए हैं। जानिए कोटा के वार्डों का समीकरण- नए चेहरे को मौका, पति पूर्व पार्षद नगर निगम, कोटा का वार्ड 88 सबसे हॉट वार्ड बना हुआ है। यहां कांग्रेस ने महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष शालिनी गौतम का टिकट काटकर नया प्रयोग किया है। शालिनी इस वार्ड से पूर्व में पार्षद रह चुकी है। इस बार भी नामाकंन भरा था लेकिन एन वक्त पर सिंबल नहीं मिला। पार्टी ने यहां से प्रांजलि को मैदान में उतारा है। प्रांजलि भले ही राजनीति के मैदान में एकदम नया चेहरा हैं, लेकिन उनके पति प्रफुल्ल पहले पार्षद रह चुके हैं। इस टिकट बदलाव और अंदरूनी असंतोष के बाद यह सीट साख की लड़ाई बन गई है। वहीं इस वार्ड से बीजेपी ने मंजू देवी को चुनाव मैदान में उतारा है। लोकसभा अध्यक्ष के खुद के वार्ड पर भी लोगों की नजर वार्ड 83 लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला का खुद का वार्ड है। यहां से बीजेपी ने पूर्व पार्षद धीरेन्द्र चौधरी की पत्नी सीमा बीजेपी को टिकट दिया है। धीरेन्द्र चौधरी खुद पार्षद रह चुके हैं, इस बार सीट बदलने के चलते उनकी पत्नी को टिकट दिया गया है। उनका नाम महापौर की रेस में भी है। ऐसे में यह वार्ड हॉट बना हुआ है। वहीं कांग्रेस की तरफ से यहां पर सुनीता शर्मा चुनावी मैदान में है। सुनीता के पति कांग्रेस कार्यकर्ता है। सुनीता ने खुद इस वार्ड से चुनाव लड़ने की इच्छा जताई थी ऐसे में पार्टी ने टिकट दिया है। सबसे ज्यादा प्रत्याशी वाले वार्ड बड़े हॉट स्पॉट वार्ड 22, 19 और 45 में प्रत्याशियों का भारी जमावड़ा है। ये तीन वार्ड सबसे बड़े 'हॉटस्पॉट' बने हुए हैं क्योंकि यहां सबसे अधिक 8-8 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। वार्ड 22 में कांग्रेस के धीरज नागर और भाजपा के सियाराम के बीच सीधी टक्कर के साथ-साथ अन्य प्रत्याशियों की वजह से मुकाबला बेहद पेचीदा हो गया है। यहां 6 निर्दलीय चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं वार्ड 19 में कांग्रेस की आशा जैन और भाजपा के राकेश सुमन के बीच कड़ा मुकाबला है। लेकिन यहां भी निर्दलीय प्रत्याशियों के चलते दोनों ही पार्टी बैचेन है, भंवरलाल समुन, निखिल गौतम, दलपत सिंह राठौड़ समेत अन्य निर्दलीय चुनौती पेश कर रहे हैं। वार्ड 45 में कांग्रेस के फरीद्दीन और भाजपा के मुश्तकिम के आमने-सामने होने से मुकाबला दिलचस्प है। लेकिन मोहम्मद आसिम, मोहम्मद जुनैद और समीउल्लाह जैसे निर्दलीय मैदान में डटे हैं। महापौर के लिए नाम चर्चा में आने से वार्ड पर टिकी निगाहें कई वार्ड इसलिए हॉट बने हुए हैं क्योंकि वहां से चुनाव लड़ रहे चेहरे सीधे महापौर पद की दौड़ में शामिल माने जा रहे हैं। वार्ड 98 में अनुसुइया गोस्वाम, वार्ड 64 में प्रतिभा सुमन, वार्ड 83 में सीमा चौधरी, वार्ड 87 में पुष्पा चौधरी और वार्ड 77 दीपा आर्य जैसे वार्डों से महापौर के दावेदार मैदान में हैं। ये बीजेपी के चेहरे है। वहीं कांग्रेस से वार्ड 57 में पूर्व पार्षद अमोलक देवी, वार्ड 6 में पूर्व चेयरमैन आईना महक, वार्ड 2 में देवबाई गुर्जर, वार्ड 84 में सीमा यादव और वार्ड 71 में सविता सुवालका पर दिग्गजों की सीधी नजर है।