नागौर में किसानों ने खरीफ 2025 के फसल बीमा क्लेम, लंबित आदान-अनुदान राशि, जल्द क्रॉप कटिंग और KCC की बढ़ी ऋण सीमा लागू करने की मांग उठाई। बीकेयू टिकैत के जिलाध्यक्ष के अनुसार रातड़ी गांव में वास्तविक फसल खराबा करीब 90% होने के बावजूद गिरदावरी में 50% दर्ज किया गया। किसानों ने फसल बीमा कंपनी की शिकायतों की जांच और पात्र किसानों को उचित क्लेम दिलाने की भी मांग की। इन मांगों को लेकर बीकेयू टिकैत ने मंगलवार को कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और संबंधित अधिकारियों के नाम ज्ञापन सौंपा। रातड़ी में 90% खराबा, गिरदावरी में 50% दर्ज होने का आरोप बीकेयू जिलाध्यक्ष ने बताया - पटवार हल्का बाराणी के गांव रातड़ी में गिरदावरी में फसल खराबा करीब 50 प्रतिशत दर्ज किया गया, जबकि किसानों के अनुसार वास्तविक खराबा करीब 90 प्रतिशत था। इसके बावजूद क्रॉप कटिंग में अधिक उत्पादन दर्शाकर किसानों को फसल बीमा क्लेम से वंचित किया गया। किसानों ने पूरे मामले की जांच करवाकर पात्र किसानों को उचित बीमा क्लेम दिलाने की मांग की। लंबित आदान-अनुदान राशि जल्द खातों में जमा करने की मांग ज्ञापन में खरीफ 2025 की आदान-अनुदान राशि जल्द किसानों के खातों में जमा करवाने की मांग की गई। साथ ही नागौर जिले के सभी पात्र किसानों को लंबित राशि का भुगतान करने की मांग भी रखी गई। किसानों ने बताया कि जिले के कई गांवों में फसल बीमा कंपनी के खिलाफ शिकायतें सामने आई हैं। इनकी निष्पक्ष जांच करवाकर किसानों को वाजिब क्लेम दिलाने की मांग की गई। बारिश नहीं होने से फसलें जलीं, जल्द क्रॉप कटिंग की मांग किसानों ने कहा कि लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण फसलों के उत्पादन में भारी नुकसान हुआ है। कई जगह फसलें लगभग जल चुकी हैं और किसान उन्हें चारे आदि के लिए काटना शुरू कर चुके हैं। ऐसे में जल्द क्रॉप कटिंग करवाने की मांग की गई। किसानों ने चेतावनी दी कि समय पर क्रॉप कटिंग नहीं होने पर इसकी जिम्मेदारी बीमा कंपनी और प्रशासन की होगी, किसानों की नहीं। KCC की ऋण सीमा 5 लाख करने की मांग ज्ञापन में किसानों ने 1 फरवरी 2025 के केंद्रीय बजट में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत ब्याज अनुदान के लिए ऋण सीमा 3 लाख से बढ़ाकर 5 लाख रुपए करने की घोषणा को लागू करवाने की मांग भी की। किसानों का कहना है कि घोषणा का लाभ उन्हें जल्द मिलना चाहिए। बीकेयू ने प्रशासन से सभी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कर किसानों को राहत दिलाने की मांग की।