नागौर में कोर्ट जा रहे एडवोकेट (अधिवक्ता) की निजी स्लीपर बस की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई। अधिवक्ता रोजाना की तरह साइकिल लेकर नागौर पहुंचे थे और वहां से करीब 3 किलोमीटर पैदल कोर्ट जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई बस ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बस भी बेकाबू हो गई और फुटपाथ की रेलिंग तोड़ते हुए आगे चल रही क्रेन से जा टकराई। हादसे में बस ड्राइवर और खलासी घायल हो गए, जबकि बस में सवार यात्री सुरक्षित रहे। पुलिस हादसे के वास्तविक कारणों की जांच कर रही है। हादसा मंगलवार सुबह करीब 9 बजे नागौर के कोतवाली थाना क्षेत्र में डेह रोड पर हुआ। देखिए… घटना से जुड़ी तस्वीरें सुबह 9 बजे साइकिल के साथ पैदल जा रहे थे अधिवक्ता जानकारी के अनुसार, अमरपुरा निवासी अधिवक्ता धनाराम (55) साइकिल के साथ सड़क किनारे पैदल जा रहे थे। इसी दौरान जोधपुर-दिल्ली रूट पर चलने वाली एक निजी स्लीपर बस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। टक्कर इतनी भीषण थी कि धनाराम की मौके पर ही मौत हो गई। मंगलवार को वह रोजाना की तरह कोर्ट जाने के लिए निकले थे। धनाराम को टक्कर मारने के बाद बस ड्राइवर वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। बस अनियंत्रित होकर सड़क किनारे फुटपाथ की रेलिंग तोड़ते हुए आगे चल रही क्रेन से पीछे की ओर जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बस और क्रेन के अगले हिस्से को भारी नुकसान पहुंचा। क्रेन ड्राइवर ने चलती क्रेन से कूदकर अपनी जान बचाई। बस दिल्ली से जोधपुर जा रही थी, चालक-खलासी घायल हुए बस दिल्ली से वापस जोधपुर की ओर जा रही थी। बस ड्राइवर और खलासी हादसे में घायल हो गए, जबकि बस में सवार यात्रियों में से किसी को चोट नहीं लगी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि अगर बस क्रेन से नहीं टकराती तो बड़ा हादसा हो सकता था, क्योंकि सुबह के समय इस इलाके में बड़ी संख्या में लोग और राहगीर मौजूद रहते हैं। पुलिस ने शव मॉर्च्युरी में रखवाया, यात्रियों को सुरक्षित उतारा हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर नागौर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने धनाराम के शव को कब्जे में लेकर जेएलएन हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया। नागौर कोतवाल नंदलाल ने बताया कि बस में सवार यात्रियों को सुरक्षित उतार लिया गया और किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है। बस चालक और खलासी को चोटें आई हैं, जिन्हें नागौर के राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर यातायात सुचारू करवाया और मामले की जांच शुरू कर दी है। रोज गांव से साइकिल लेकर आते, 3 किमी पैदल कोर्ट जाते थे धनाराम परिजनों और परिचितों के अनुसार, धनाराम अपनी फिटनेस को लेकर काफी सजग थे। वह रोज गांव से साइकिल लेकर नागौर आते थे। रोडवेज बस स्टैंड के आसपास साइकिल खड़ी करने के बाद वहां से करीब 3 किलोमीटर पैदल चलकर नागौर कोर्ट पहुंचते थे। मंगलवार को भी वह इसी तरह कोर्ट जाने के लिए निकले थे, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने उनकी जान ले ली। तीन महीने में चौथा हादसा, फुटपाथ पर अतिक्रमण का आरोप लोगों का आरोप है कि प्रशासन की अनदेखी और फुटपाथ के लिए छोड़ी गई जगह पर अतिक्रमण के कारण पैदल चलने वाले लोगों को मजबूरी में सड़क पर चलना पड़ता है। इससे तेज रफ्तार वाहनों के बीच राहगीरों के लिए खतरा बना रहता है और आए दिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। फिलहाल नागौर कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और हादसे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। --- हादसे की ये खबर भी पढ़ें … बाइक सवार 3 भाइयों को कुचला, मौत:घर लौटते समय हाईवे पर गाड़ी ने मारी टक्कर, ड्राइवर गाड़ी सहित फरार बीकानेर में बाइक पर जा रहे तीन चचेरे भाइयों की एक्सीडेंट में मौके पर ही मौत हो गई। तीनों बीकानेर शहर से अपने गांव लौट रहे थे। पूरी खबर पढ़िए