नागौर नगर परिषद चुनाव में नामांकन भरने का काम पूरा होने के बाद अब नामांकन पत्रों की जांच शुरू हो गई है। नगर परिषद के 60 वार्डों के लिए 407 उम्मीदवारों ने कुल 540 नामांकन पत्र जमा किए हैं। मंगलवार को इन सभी नामांकन पत्रों की जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद पता चलेगा कि कितने उम्मीदवार चुनाव लड़ने के योग्य हैं और कितने उम्मीदवारों के नामांकन में कमी होने के कारण उन्हें रद्द किया जाएगा। दो जगह हो रही नामांकन पत्रों की जांच नागौर नगर परिषद के 60 वार्डों के नामांकन पत्रों की जांच दो जगह की जा रही है। वार्ड 1 से 30 तक के नामांकन पत्रों की जांच एसडीएम कार्यालय में हो रही है। यहां रिटर्निंग अधिकारी गोविंद सिंह भींचर ने सुबह 11 बजे से जांच शुरू की। वहीं वार्ड 31 से 60 तक के नामांकन पत्रों की जांच तहसील कार्यालय में की जा रही है। यह काम तहसीलदार नृसिंह टाक कर रहे हैं। उम्मीदवारों के सामने ही हो रही जांच नामांकन पत्रों की जांच उम्मीदवारों की मौजूदगी में की जा रही है। अधिकारियों की ओर से यह काम नियमों के अनुसार किया जा रहा है। अगर किसी नामांकन पत्र में कोई कमी या गलती मिलती है तो उसके बारे में नियम के अनुसार फैसला लिया जाएगा। 2 सितंबर को नामांकन रद्द किए जाएंगे। इसके बाद चुनाव में कौन-कौन उम्मीदवार रहेंगे, इसकी स्थिति साफ होने लगेगी। 3 सितंबर तक नाम वापस ले सकेंगे नामांकन पत्रों की जांच और रद्द किए जाने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उम्मीदवारों को अपना नाम वापस लेने का मौका मिलेगा। 3 सितंबर नाम वापस लेने की आखिरी तारीख है। इस दौरान भाजपा, कांग्रेस, आरएलपी और दूसरे दलों के उम्मीदवारों के साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी अपना नाम वापस ले सकते हैं। नाम वापस लेने की तारीख खत्म होने के बाद ही 60 वार्डों में असली चुनावी तस्वीर साफ होगी। तब पता चलेगा कि हर वार्ड में कितने उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। 4 सितंबर को मिलेगा चुनाव चिह्न नाम वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के अगले दिन यानी 4 सितंबर को उम्मीदवारों को चुनाव चिह्न दिए जाएंगे। इसके बाद चुनाव में रहने वाले सभी उम्मीदवारों के नाम और उनके चुनाव चिह्न साफ हो जाएंगे। इसके बाद उम्मीदवार अपना चुनाव प्रचार तेज कर सकेंगे। 9 और 11 सितंबर को वोटिंग नगर निकाय चुनाव के लिए 9 सितंबर और 11 सितंबर को वोटिंग होगी। इसके बाद 14 सितंबर को वोटों की गिनती होगी। मतगणना के बाद नागौर नगर परिषद के सभी 60 वार्डों के नतीजे सामने आएंगे। इससे पता चलेगा कि किस वार्ड से कौन पार्षद चुना गया। सभापति का चुनाव 21 सितंबर को पार्षदों का चुनाव होने के बाद सभापति चुनने की प्रक्रिया शुरू होगी। सभापति पद के लिए 16 सितंबर को नामांकन भरे जाएंगे। 17 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 18 सितंबर को नाम वापस लेने और चुनाव चिह्न देने का काम होगा। इसके बाद 21 सितंबर को सभापति के लिए वोटिंग और वोटों की गिनती होगी। यानी पहले 60 वार्डों में पार्षद चुने जाएंगे। इसके बाद चुने गए पार्षद मिलकर नगर परिषद का सभापति चुनेंगे।