जयपुर के नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क (चिड़ियाघर) में 2 सितंबर को टाइगर के हमले में महिला की मौत हो गई। दावा है कि टाइगर शिवाजी ने महिला की गर्दन तोड़ दी थी। दावा है कि बिना किसी चेतावनी के एन्क्लोजर खोल दिया गया, जिससे बाहर आए बाघ ने घास काटने आई संविदाकर्मी सुगना देवी पर हमला कर दिया। चौंकाने वाली बात ये है कि 7 महीने पहले ही केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए थे। रिपोर्ट में बताया था कि पर्यटकों की सुरक्षा के लिए पार्क में न तो डिजास्टर मैनेजमेंट प्लान लागू है, न फायर अलार्म सिस्टम काम कर रहा है। मॉक ड्रिल तक नहीं करवाई गई थी। मामले में वन विभाग ने जिम्मेदारी तय करते हुए गुरुवार को रेंज अधिकारी समेत 3 कर्मचारियों को APO कर दिया। घटना के बाद भास्कर टीम ने मौके पर जाकर इस घटना की पड़ताल की। सामने आया कि आधे से ज्यादा सीसीटीवी भी काम नहीं कर रहे। उप वन संरक्षक से इसको लेकर सवाल किए तो वे भड़क गए। उन्होंने कहा- जो छापना है छाप लो। पढ़िए एक्सक्लूसिव रिपोर्ट... पहले जानिए कैसे हुई थी घटना? बुधवार सुबह 8 बजे जमवारामगढ़ के नांगल सुसावतान गांव की रहने वाली सुगना देवी सात महिला मजदूरों के साथ नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क पहुंची थीं। महिलाएं घास काटने के लिए टाइगर शिवाजी के एन्क्लोजर (बाड़ा) में गई थीं। साथी महिलाओं ने बताया कि उस समय टाइगर पिंजरे में बंद था। आरोप है कि कुछ ही देर बाद पिंजरे का गेट खोल दिया गया। टाइगर बाहर आया और अचानक हमला कर दिया। पांच महिलाएं जान बचाकर बाहर की ओर भागीं। एक महिला पेड़ पर चढ़ गई। सुगना देवी ने भी एन्क्लोजर की जाली पर चढ़कर खुद को बचने की कोशिश की, लेकिन टाइगर ने उसे नीचे खींच लिया और हमला कर दिया। दावा है कि टाइगर ने सुगना देवी की गर्दन पर कई वार किए थे। उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दोपहर करीब 12 बजे तक शव एन्क्लोजर के अंदर पड़ा रहा था। भास्कर पड़ताल : आधे से ज्यादा CCTV कैमरे खराब पार्क की मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था की पड़ताल में सामने आया कि आधे से ज्यादा CCTV कैमरे काम नहीं कर रहे। पार्क में 70 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, जिसमें 40 से ज्यादा कैमरे बंद है। घटना के बाद सीसीटीवी खंगाले गए तो सिर्फ एक सीसीटीवी फुटेज में टाइगर बाहर आता हुआ दिख रहा है। जहां बाघ ने महिला पर अटैक किया वो कैमरा बंद था। बाघ के हमले में जिंदा बची कुछ महिलाओं ने बताया कि मोबाइल नेटवर्क की समस्या भी है, इसके चलते वन विभाग के अधिकारियों तक तत्काल सूचना पहुंचाने में परेशानी हुई। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और 6 महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाला गया। अधिकारी बोले- जो छापना है छाप दो रिपोर्टर ने जब उप वन संरक्षक आशीष व्यास से पार्क में लगे सीसीटीवी कैमरों और उनकी निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल पर भड़क गए। उन्होंने कहा- मैं इन्हीं का जवाब देता रहूं क्या? आपको जो छापना है, छाप दीजिए। इसके बाद उन्होंने सवालों का विस्तार से जवाब देने से इनकार कर दिया। टीम ने चेताया था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण ( Central Zoo Authority) ने जनवरी 2026 में ही नाहरगढ़ बॉयोलॉजिकल पार्क में व्यवस्थाओं का जायजा लिया था। इसके बाद कमियों पर एक रिपोर्ट तैयार की थी। भास्कर के पास ये रिपोर्ट मौजूद है। बेटा बोला- मां कह रही थी, आज बाघ के बच्चों को बाहर निकालेंगे मृतका सुगना देवी के बेटे ने बताया कि उनकी मां कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर पिछले 8 साल से काम कर रही थी। मां ने पहले भी पार्क में सुरक्षा को लेकर चिंता जताई थी। उन्होंने कई बार बताया था कि पार्क में जंगली जानवर यूं ही घूमते रहते हैं और कोई ध्यान नहीं देता। परिवार उन्हें वहां काम करने से मना करता था और कहता था कि वे काम कर लेंगे, लेकिन सुगना देवी का जवाब होता था- तुम पढ़ाई करो, मैं काम करूंगी। रेंज अधिकारी समेत 3 कर्मचारी एपीओ मामले में वन विभाग ने जिम्मेदारी तय करते हुए गुरुवार को रेंज अधिकारी गौरव कुमार, सहायक वनपाल प्रदीप कुमार और एनक्लोजर प्रभारी सोनू मीणा को APO कर दिया। गौरव कुमार की जगह रेंज अधिकारी का अतिरिक्त चार्ज जोगेंद्र सिंह शेखावत को सौंपा है। वहीं सहायक वनपाल प्रदीप कुमार की जिम्मेदारी राजाराम और एनक्लोजर प्रभारी सोनू मीणा की जिम्मेदारी सीताराम को दी गई है। नाहरगढ़ में क्षमता से ज्यादा टाइगर नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में 15 टाइगर हैं। क्षमता के मुकाबले संख्या ज्यादा होने के बावजूद अतिरिक्त टाइगरों को दूसरी जगह शिफ्ट नहीं किया गया। इससे कैप्टिव मैनेजमेंट पर अतिरिक्त दबाव बढ़ रहा है और उपलब्ध एनक्लोजर, स्टाफ व अन्य संसाधनों पर भी भार पड़ रहा है। उप वन संरक्षक आशीष व्यास ने घटना के बाद मीडिया में बयान जारी करते हुए स्वीकार किया कि पार्क में 15 बाघ हैं, जो यहां की क्षमता से अधिक हैं। इसी को देखते हुए प्रशासन लंबे समय से कुछ बाघों को नए विकसित होने वाले पार्क क्षेत्रों में भेजने की योजना तैयार कर रहा है, ताकि उनके लिए बेहतर और प्राकृतिक आवास सुनिश्चित किया जा सके। …. जयपुर में टाइगर के हमले से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए जयपुर- टाइगर की शिकार महिला अकेली चला रही थी घर:पति बोला- मैं हादसे में झुलसा था, खड़ा नहीं हो पाता; बेटे बोले- मां याद आ रही जयपुर में टाइगर के हमले में जिस महिला की मौत हुई, उसकी ही नौकरी पर पूरा घर चल रहा था। परिवार में दो बेटे हैं जो पढ़ रहे हैं, वहीं पति एक हादसे के बाद से बेड पर है। पूरी खबर पढ़िए…