स्थानीय निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में टिकटों की घोषणा के साथ ही घमासान और अंदरखाने बगावत के सुर तेज हो गए हैं। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही प्रमुख दलों में कई दिग्गज नेताओं के टिकट कटने से सियासी समीकरण गरमा गए हैं। ​कांग्रेस में अरविंद डामोर का टिकट कटा, पूर्व जिलाध्यक्ष को भी निराशा कांग्रेस पार्टी से सभापति पद की रेस में मजबूत दावेदार माने जा रहे अरविंद डामोर का टिकट पार्टी ने काट दिया है। उनकी जगह अब उनकी बहन चंदा डामोर को वार्ड 46 से चुनावी मैदान में उतारा गया है। वहीं, आदिवासी कांग्रेस के वर्तमान और पूर्व युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रकाश मईड़ा को भी पार्टी ने टिकट नहीं दिया है। उन्होंने वार्ड 55 से टिकट की मांग की थी। ​भाजपा में पूर्व जिलाध्यक्ष और OBC मोर्चा के नगरध्यक्ष का पत्ता कटा भारतीय जनता पार्टी में भी टिकट वितरण को लेकर बड़े फेरबदल देखने को मिले हैं। भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष रहे लाभचंद पटेल ने वार्ड 25 से टिकट की मांग की थीं, जिन्हें टिकट नहीं देकर उनकी जगह नाहरसिंह को उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा, वार्ड 44 से ओबीसी मोर्चा के नगर अध्यक्ष ओमप्रकाश सोनी का भी टिकट कट गया है; उनकी जगह तरंग मेहता को टिकट थमाया गया है। टिकट कटने के बाद से दोनों ही दलों के असंतुष्ट नेताओं व कार्यकर्ताओं में हलचल तेज हो गई हैं।