राजस्थान में निकाय चुनाव में नाम वापसी की आखिरी तारीख के बाद अब तस्वीर साफ हो गई है। कांग्रेस और भाजपा दोनों ही दलों के सामने बागी प्रत्याशियों की चुनौती खड़ी हो गई है। पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद बड़ी संख्या में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनावी मैदान में ताल ठोक दी है। नाम वापसी के बाद भी जोधपुर, उदयपुर, अजमेर, जयपुर, अलवर, सीकर और कोटा में 231 बागी प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। अजमेर में सबसे ज्यादा 66 बागी उम्मीदवार चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। जयपुर में भाजपा के 16 बागी राजधानी जयपुर में कुल 25 बागी प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें भाजपा के 16 और कांग्रेस के 9 बागी प्रत्याशी शामिल हैं। जयपुर में भाजपा के बागियों की संख्या कांग्रेस से लगभग दोगुनी है। पूरी खबर पढ़ें सीकर में कांग्रेस के बागी ज्यादा सीकर में कुल 23 बागी प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें कांग्रेस के 13 और भाजपा के 10 बागी प्रत्याशी शामिल हैं। दोनों दलों के बागी कई सीटों पर मुकाबले को प्रभावित कर सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें उदयपुर में कांग्रेस के 12 बागी उदयपुर में कुल 14 बागी उम्मीदवार चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। इनमें कांग्रेस के 12 और भाजपा के सिर्फ 2 बागी प्रत्याशी हैं। यहां बागियों के मामले में कांग्रेस को भाजपा की तुलना में कहीं ज्यादा नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। पूरी खबर पढ़ें अजमेर में सबसे ज्यादा बागी अजमेर में बागी प्रत्याशियों की संख्या सबसे ज्यादा है। यहां कुल 66 बागी उम्मीदवार चुनाव मैदान में डटे हुए हैं। इनमें कांग्रेस के 47 और भाजपा के 19 बागी प्रत्याशी हैं। पूरी खबर पढ़ें जोधपुर में कांग्रेस-भाजपा के 38 बागी प्रत्याशी जोधपुर में कुल 38 बागी प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें कांग्रेस के 20 और भाजपा के 18 बागी प्रत्याशी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें अलवर में कांग्रेस के 17 और भाजपा के 16 बागी उम्मीदवार अलवर में कुल 33 बागी प्रत्याशी चुनावी मैदान में हैं। इनमें कांग्रेस के 17 और भाजपा के 16 बागी प्रत्याशी हैं। पूरी खबर पढ़ें कोटा में भाजपा के बागी ज्यादा कोटा में कुल 32 बागी प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें भाजपा के 17 और कांग्रेस के 15 बागी प्रत्याशी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें राजसमंद में भिड़े कांग्रेस-बीजेपी के कार्यकर्ता राजसमंद के नाथद्वारा में कांग्रेस और बीजेपी कार्यकर्ता भिड़ गए। वार्ड 23 में कांग्रेस नेता देवकीनंदन गुर्जर के बेटे अजय गुर्जर के सामने बीजेपी के दिनेश प्रजापत को टिकट मिला था। दिनेश नामांकन वापस लेने एसडीएम ऑफिस पहुंचे थे। बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं की कांग्रेस समर्थकों से धक्का-मुक्की हो गई। बाड़मेर में वार्ड-43 से RLP प्रत्याशी धर्माराम नामांकन वापस लेने SDM ऑफिस पहुंचे तो उन्हें जबरदस्ती ले जाने की कोशिश की गई। धर्माराम ने कहा- मैं परिवार के कहने पर नामांकन वापस लेने आया था। निकाय चुनाव से जुड़ी 2 फोटोज… निकाय चुनाव से जुड़े बड़े अपडेट्स… पूर्व विधायक धरने पर बैठे: कोटपूतली-बहरोड़ की प्रागपुरा नगर पालिका के वार्ड-32 से भाजपा प्रत्याशी बुधराम गढ़वाल लापता है। गुरुवार को वार्ड 32 की कांग्रेस प्रत्याशी कमलेश देवी प्रागपुरा थाने के बाहर धरने पर बैठ गई। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से लापता भाजपा प्रत्याशी को जल्द तलाशने की मांग की। धरने की खबर मिलते ही कांग्रेस जिला अध्यक्ष और पूर्व विधायक इंद्राज गुर्जर भी थाने पहुंचे। बीकानेर में कांग्रेस जिलाध्यक्ष को पीटने वाले को पार्टी से निकाला:बीकानेर शहर कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पूर्व IPS अधिकारी मदन गोपाल मेघवाल को पीटने पर पार्टी कार्यकर्ता मोहित अरोड़ा पर मारपीट और SC-ST एक्ट में मामला दर्ज हुआ है। वहीं कांग्रेस ने मोहित और उसके पिता पूर्व पार्षद दीपक अरोड़ा को 6 साल के लिए निष्कासित कर दिया है। अजमेर में ब्लॉक प्रवक्ता ने बेटे सहित कांग्रेस छोड़ी:अजमेर में कांग्रेस के ब्लॉक प्रवक्ता ब्रजकिशोर जोशी और उनके बेटे यश जोशी ने गुरुवार को कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली। यश ने वार्ड 2 से बीजेपी प्रत्याशी के समर्थन में निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर भरा नामांकन भी वापस ले लिया है। अजमेर के वार्ड 11 से निर्दलीय प्रत्याशी आशा कुमारी ने कांग्रेस उम्मीदवार और जेठानी संजना गोड़ीवाल के पक्ष में नामांकन वापस लिया। … पल-पल का अपडेट जानने के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…