राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने जा रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार 3 से 7 सितंबर तक पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि 4 और 5 सितंबर को कोटा संभाग व आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान भरतपुर, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में भी बारिश हो सकती है। वहीं, पश्चिमी राजस्थान में मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रहने के आसार हैं। मध्य प्रदेश के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। मानसून ट्रफ लाइन श्रीगंगानगर, रोहतक और इस कम दबाव के क्षेत्र से होकर गुजर रही है। इसी सिस्टम के प्रभाव से राजस्थान के कुछ हिस्सों में मानसून की गतिविधियां बढ़ने की संभावना जताई गई है। रूपवास में सबसे ज्यादा 27 MM बारिश पिछले 24 घंटों के दौरान भरतपुर जिले के रूपवास में सबसे ज्यादा 27 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके बाद अब अगले कुछ दिनों में भी पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। 4 से 7 सितंबर तक इन संभागों में बारिश मौसम विभाग के मुताबिक, 4 से 7 सितंबर के दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इनमें कोटा संभाग में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा रहने के आसार हैं। कोटा संभाग में भारी बारिश का अलर्ट 4 और 5 सितंबर को कोटा संभाग और आसपास के जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। ऐसे में इन इलाकों में मौसम अचानक बदलने और तेज बारिश होने की संभावना बनी रहेगी। पश्चिमी राजस्थान में कमजोर रहेगा मानसून जोधपुर संभाग के ज्यादातर हिस्सों में मानसून कमजोर रहने की संभावना है। हालांकि, 4 से 6 सितंबर के दौरान हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, चूरू, नागौर और आसपास के इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। बारिश होने से इन क्षेत्रों में उमस और गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। 8 सितंबर से फिर घटेगी बारिश मौसम विभाग के अनुसार, 8 सितंबर से राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों में बारिश की गतिविधियों में फिर कमी आने की संभावना है। यानी अगले कुछ दिनों में बारिश का दौर देखने के बाद प्रदेश में मानसून की सक्रियता दोबारा कमजोर पड़ सकती है।