राजसमंद नगर परिषद चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब भाजपा और कांग्रेस के सामने सबसे बड़ी चुनौती अपने ही नाराज दावेदारों और निर्दलीय प्रत्याशियों को मनाने की रहेगी। सोमवार को दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों ने पार्षद प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी। इसके साथ ही कई वार्डों में टिकट की उम्मीद लगाए बैठे दावेदारों ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में उतरकर पार्टियों की चिंता बढ़ा दी है। भाजपा में नगर उपाध्यक्ष हिम्मत मेहता सहित कुछ वार्डों में पार्टी से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में हैं। ऐसे में अब पार्टी संगठन के सामने बागियों को मनाने और अधिकृत प्रत्याशी के पक्ष में माहौल बनाने की चुनौती रहेगी। कांग्रेस में भी टिकट वितरण के बाद नाराज दावेदारों को साधना पार्टी के लिए जरूरी होगा। सेन समाज ने प्रेस वार्ता कर जताई नाराजगी टिकट वितरण को लेकर मंगलवार को सेन समाज के पदाधिकारियों ने भी नाराजगी जाहिर की। समाज की ओर से प्रेस वार्ता कर भाजपा पर समाज को राजनीतिक प्रतिनिधित्व नहीं देने का आरोप लगाया गया। पदाधिकारियों ने कहा कि राजसमंद जिले की पांचों निकायों में चुनाव हो रहे हैं, लेकिन किसी भी निकाय में सेन समाज के प्रतिनिधि को भाजपा की ओर से टिकट नहीं दिया गया। इससे समाज में नाराजगी है। पदाधिकारियों ने बताया कि राजसमंद नगर परिषद के लिए समाज की ओर से 8 से 10 टिकटों की मांग की गई थी, लेकिन एक भी टिकट नहीं मिला। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि अब समाज की बैठक में जो निर्णय होगा, उसी के अनुसार आगे की रणनीति तय की जाएगी। सेन समाज के इन दावेदारों के लिए मांगा था टिकट सेन समाज के पदाधिकारियों के अनुसार भाजपा से वार्ड 15 से टीना सेन, वार्ड 28 से प्रमोद सेन और वार्ड 18 से संजय सेन के लिए टिकट मांगा गया था। इसके अलावा हेमा सेन, कैलाश सेन और दिनेश सेन के परिवार से भी टिकट की मांग रखी गई थी। हालांकि पार्टी की ओर से किसी को भी पार्षद प्रत्याशी नहीं बनाया गया।