रक्षाबंधन पर्व पर रायला क्षेत्र के ईरांस ग्राम पंचायत में ग्रामीणों और पर्यावरण प्रेमियों ने गांव के नए विद्यालय भवन परिसर में लगाए गए पौधों को रक्षासूत्र बांधकर ग्रामीणों ने उनके संरक्षण और नियमित देखभाल का संकल्प लिया। इस दौरान रक्षाबंधन के पारंपरिक पर्व को प्रकृति से जोड़ते हुए पेड़-पौधों को परिवार के सदस्य की तरह सुरक्षित रखने का संदेश दिया गया। पेड़-पौधों की रक्षा का संकल्प लिया इस अवसर पर गांव की माताओं, बहनों और भाइयों ने मिलकर पौधों को रक्षासूत्र बांधा। महिलाओं और ग्रामीणों ने पौधों के प्रति अपनत्व जताते हुए उनकी रक्षा करने का संकल्प लिया। पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते का पर्व ही नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का अवसर भी है। जिस प्रकार भाई अपनी बहन की रक्षा का वचन देता है, उसी प्रकार प्रत्येक व्यक्ति को पेड़-पौधों की रक्षा का संकल्प लेना चाहिए। पौधों की देखभाल करना भी आवश्यक ग्रामीणों ने कहा कि पौधे लगाने के बाद उनकी देखभाल करना भी उतना ही जरूरी है। पौधों को समय पर पानी देना,पशुओं से बचाना और उनके आसपास साफ-सफाई रखना सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यालय परिसर में लगाए गए पौधों की सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों ने आगे भी सहयोग करने की बात कही। कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों और युवाओं को भी पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित किया गया। आज लगाया पौधा, कल वृक्ष बनेगा कार्यक्रम में रक्षासूत्र बांधते हुए ग्रामीणों ने अधिक से अधिक पौधे लगाने और लगाए गए पौधों को पेड़ बनने तक सुरक्षित रखने का संदेश दिया। ग्रामीणों का कहना था कि आज लगाया गया एक पौधा आने वाले वर्षों में छाया, स्वच्छ हवा और हरियाली देने वाला वृक्ष बनेगा। इसलिए पौधारोपण के साथ संरक्षण को भी अभियान का हिस्सा बनाया जाना चाहिए। पौधे लगाने और जिम्मेदारी का संकल्प लिया कार्यक्रम में ग्रामीणों ने लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल एवं सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने का संकल्प लिया। साथ ही ग्रामीणों से अपने जन्मदिन, विवाह, पुण्य स्मृति एवं अन्य शुभ अवसरों पर पौधे लगाने और उनकी जिम्मेदारी लेने का आह्वान किया गया। पर्यावरण प्रेमियों ने कहा कि यदि प्रत्येक परिवार एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो गांव में हरियाली को काफी बढ़ाया जा सकता है। ये मौजूद रहे इस दौरान कैलाश सुथार, सांवर जाट, सांवर धोल्या, भैरूलाल जाट, रामचंद्र गुर्जर, गोविंद जाट, मूलदास वैष्णव, मिश्रीलाल जाट, हरफुल दूंगा ,मुकेश चौधरी , राजू रणवा ,ओमप्रकाश मुदा एवं सारू देवी , गीता बाई सहित ग्रामीण, महिलाएं, युवा एवं पर्यावरण प्रेमी मौजूद रहे। सभी ने पौधों को रक्षासूत्र बांधकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।