भरतपुर की रूपवास नगर पालिका में कांग्रेस को अपने ही सिंबल पर चुनाव लड़ने के लिए पर्याप्त प्रत्याशी नहीं मिले। नगर पालिका के 25 वार्डों में भाजपा ने 19 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि कांग्रेस ने सिर्फ 9 वार्डों में प्रत्याशी घोषित किए हैं। पार्टी से टिकट की दावेदारी करने वाले कई लोगों ने कांग्रेस से टिकट लेने के बजाय निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला किया है। अब कांग्रेस नेताओं की नजर इन निर्दलीय प्रत्याशियों पर टिकी है। पिछली बार BJP का बोर्ड बना, 30 मिनट में कांग्रेस में हुआ विलय इससे पहले रूपवास नगर पालिका में भाजपा का बोर्ड बना था। भाजपा का बोर्ड बनने के करीब 30 मिनट के अंदर पूरा बोर्ड कांग्रेस में विलय हो गया था। इसके बावजूद इस बार नगर पालिका चुनाव में कांग्रेस को अपने प्रत्याशी नहीं मिल पाए। ऐसे में पार्टी के सामने निर्दलीय प्रत्याशियों को समर्थन देने या उनके साथ समीकरण बनाने की चुनौती है। उप चेयरमैन के भाई को BJP ने दिया टिकट भाजपा ने वार्ड नंबर 7 से हेमेंद्र गोयल को प्रत्याशी बनाया है। उनके भाई जीतू गोयल पहले नगर पालिका में कांग्रेस के बोर्ड के दौरान उप चेयरमैन रह चुके हैं। इसके बावजूद भाजपा ने हेमेंद्र गोयल को टिकट दिया है। वहीं वार्ड नंबर 8 से धीरज शुक्ला को भाजपा ने प्रत्याशी बनाया है। धीरज शुक्ला करीब दो साल पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। कांग्रेस के पूर्व पार्षद को भी BJP का टिकट भाजपा ने वार्ड नंबर 21 से आलोक रावत को टिकट दिया है। आलोक रावत पहले नगर पालिका में कांग्रेस के बोर्ड के दौरान पार्षद रह चुके हैं। अब भाजपा ने उन्हें अपना प्रत्याशी बनाया है। आलोक रावत को भाजपा से टिकट मिलने के बाद कस्बे में इसे लेकर चर्चा शुरू हो गई है।