कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट ने स्टूडेंट्स से कहा- राजनीति में नहीं आना है, पढ़ाई करके अफसर बनना है। इस बात पर बच्चे और पायलट दोनों हंसने लगे। पायलट मंगलवार को बाड़मेर के वीरेंद्र धाम हॉस्टल पहुंचे थे। इस दौरान पायलट ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स से पढ़ाई और परिवार के बारे में जानकारी ली। कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर पायलट ने कहा- गुटबाजी भाजपा में चल रही है। दो-दो उम्मीदवार सिंबल लेकर आ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरी ताकत लगा रही है। पायलट ने कहा- जोधपुर, अलवर समेत कई जगहों पर समय सीमा खत्म होने के बाद भाजपा का सिंबल दाखिल किया गया और यह सब कैमरे में रिकॉर्ड है। इसके बावजूद निर्वाचन आयोग क्या कर रहा है, यह समझ में नहीं आ रहा। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग सरकार के इतने दबाव में काम कर रहा है। इसके बावजूद पूरे प्रदेश में ऐसा माहौल है कि जनता ढाई साल के कार्यकाल को देखकर समीक्षा कर रही है और कांग्रेस को वापस लाने के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस अच्छा प्रदर्शन कर बोर्ड बनाएगी। बाड़मेर में भी कांग्रेस के कई प्रत्याशी जीतेंगे। स्टूडेंट्स के साथ किया ब्रेकफास्ट पायलट धोरीमन्ना (बाड़मेर) में किसान नेता गोरधनराम विश्नोई की मूर्ति के अनावरण समारोह में शामिल होने आए थे। वे सुबह करीब 8 बजे वीरेंद्र धाम पहुंचे। उन्होंने हॉस्टल में रहने वाले स्टूडेंट्स के साथ ब्रेकफास्ट किया और बातचीत की। इस दौरान सांसद उम्मेदाराम बेनीवाल, बायतु विधायक हरीश चौधरी, पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी, जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा, पूर्व विधायक पदमाराम मेघवाल व पूर्व जिलाध्यक्ष फतेह खान भी मौजूद रहे। समय खत्म होने के बाद BJP के सिंबल स्वीकार करना कहां तक सही दिव्या मदरेणा के धरने के सवाल पर पायलट ने कहा- दिव्या सही कह रही हैं। जब समय खत्म हो गया, उसके बाद भाजपा प्रत्याशियों के सिंबल स्वीकार करना कहां तक उचित है। यह सभी रिकॉर्ड में है, फिर भी निर्वाचन आयोग कुछ नहीं कर रहा है। पायलट ने कहा- उम्मीद है कि जयपुर और दिल्ली में बैठे अधिकारी इसे देख रहे होंगे और तुरंत प्रभाव से काम करेंगे, ताकि लोगों का चुनाव प्रणाली पर विश्वास और आस्था बनी रहे। बता दें कि जोधपुर में मथानिया नगरपालिका में ओसियां की पूर्व विधायक दिव्या मदेरणा बीजेपी विधायक भैराराम सियोल पर नामांकन का समय समाप्त होने के बाद भी रिटर्निंग अधिकारी कक्ष में मौजूद रहने का आरोप लगाते हुए सोमवार शाम धरने पर बैठ गई थीं। दिव्या मदेरणा का धरना मंगलवार दोपहर को समाप्त हुआ। पेपर लीक से नौजवानों को बड़ा धक्का लगता है शिक्षा व्यवस्था पर पायलट ने कहा- देश में शिक्षा को लेकर जो व्यवस्था बनी है, वह दुर्लभ स्थिति में है। बीते दिनों सर्वर डाउन होने से नीट पीजी का पेपर नहीं दे पाए थे। कल एम्स का एग्जाम भी नहीं दे पाए। देश में पेपर लीक होना और नंबरिंग में गड़बड़ी जैसी घटनाओं से नौजवानों को बड़ा धक्का लगता है। इस दिशा में काम करना पड़ेगा।