भीलवाड़ा नगर निगम चुनाव में कांग्रेस के 17 अधिकृत प्रत्याशियों के सिंबल स्वीकार नहीं किए जाने के मामले में सोमवार को राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर पीठ में सुनवाई पूरी हो गई। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद फैसला मंगलवार को सुनाने की बात कही है। मामला वार्ड 39 से कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना दुबे की याचिका से जुड़ा है। इन प्रत्याशियों का कहना है कि पार्टी पदाधिकारियों के कहने पर नामांकन दाखिल करने के बाद अंतिम समय पर उनके सिंबल स्वीकार नहीं किए गए। अब कोर्ट का फैसला तय करेगा कि 17 प्रत्याशियों को पार्टी के अधिकृत चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ने का रास्ता मिलेगा या नहीं। वार्ड 39 की प्रत्याशी अर्चना दुबे की याचिका पर सुनवाई वार्ड 39 से कांग्रेस प्रत्याशी अर्चना दुबे की ओर से दायर याचिका पर सोमवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के बाद दुबे ने बताया कि हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की बात सुनी है और मामले में फैसला मंगलवार को सुनाया जाएगा। अंतिम समय पर स्वीकार नहीं हुए सिंबल मामला उन 17 कांग्रेस प्रत्याशियों से जुड़ा है, जिन्होंने पार्टी पदाधिकारियों के कहने पर नामांकन फॉर्म दाखिल किए थे, लेकिन अंतिम समय पर उनके सिंबल स्वीकार नहीं किए गए। प्रत्याशियों का कहना है कि यदि पार्टी की ओर से समय सीमा के भीतर अधिकृत चुनाव चिह्न उपलब्ध करा दिए गए थे तो 17 प्रत्याशियों के मामले में अलग-अलग निर्णय क्यों लिया गया। इसी विवाद को लेकर मामला हाईकोर्ट पहुंचा है। फैसले से तय होगा चुनाव लड़ने का रास्ता सोमवार की सुनवाई के बाद मंगलवार का दिन इन 17 प्रत्याशियों के लिए अहम है। हाईकोर्ट का फैसला तय करेगा कि इन प्रत्याशियों को पार्टी के अधिकृत चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ने का रास्ता मिलता है या नहीं। चुनाव प्रचार के बीच इस मामले को लेकर कांग्रेस पदाधिकारियों में भी हलचल बनी हुई है और सभी की नजर कोर्ट के फैसले पर है।