अयोध्या की रामनगरी से अरुणाचल प्रदेश के श्रीपरशुराम कुंड तक 5200 किलोमीटर लंबी यात्रा निकलेगी। विप्र फाउंडेशन की इस ‘श्रीपरशुराम कुंड आमंत्रण यात्रा’ के दूसरे चरण का शुभारंभ 27 नवंबर को अयोध्या से होगा। ‘श्रीराम से परशुराम’ संदेश के साथ निकलने वाली यह रथयात्रा 11 राज्यों से होकर 29 दिसंबर को श्रीपरशुराम कुंड पहुंचेगी। विप्र फाउंडेशन के संस्थापक संयोजक सुशील ओझा ने बताया- यात्रा का उद्देश्य अरुणाचल प्रदेश के आदी तीर्थ श्रीपरशुराम कुंड और वहां स्थापित भगवान परशुराम की 54 फुट ऊंची पंचधातु प्रतिमा ‘स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ से देशभर के श्रद्धालुओं को जोड़ना है। ओझा ने बताया- यात्रा के पहले चरण की शुरुआत दक्षिण भारत के कांची कामकोटि मठ से हुई थी। करीब 12 हजार 462 किलोमीटर की यात्रा पूरी कर इसका समापन जयपुर के श्रीगोविंददेवजी मंदिर में हुआ था। अब दूसरे चरण में यात्रा अयोध्या से श्रीपरशुराम कुंड तक जाएगी। सरयू तट पर महाआरती के बाद होगा शुभारंभ यात्रा संयोजक और विप्र फाउंडेशन उत्तर प्रदेश जोन-4 के अध्यक्ष पं. नरेंद्र शर्मा ने बताया- अयोध्या में धर्माचार्यों के सान्निध्य में विशेष अनुष्ठान और सरयू तट पर महाआरती के बाद यात्रा रवाना होगी। पांच साल में तैयार हुआ भव्य प्रतिमा प्रकल्प चीन सीमा के निकट लोहित नदी के तट पर स्थित श्रीपरशुराम कुंड पौराणिक दृष्टि से महत्वपूर्ण तीर्थ है। विप्र फाउंडेशन ने पांच वर्ष में यहां भगवान परशुराम की 54 फुट ऊंची पंचधातु प्रतिमा स्थापित की है। प्रतिमा स्थापना का भूमि-पूजन केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने किया था। तीर्थ क्षेत्र के विकास में केंद्र और अरुणाचल प्रदेश सरकार की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। स्थानीय विधायक और अरुणाचल प्रदेश के उपमुख्यमंत्री चाऊना मीन ने प्रतिमा का नामकरण ‘स्टैच्यू ऑफ स्ट्रेंथ’ किया। राष्ट्रीय कार्यसमिति सदस्य विजय पांडे ने बताया- यात्रा के संयोजन का दायित्व पं. नरेंद्र शर्मा, कानपुर के साथ विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय सचिव संजय शर्मा, सिलीगुड़ी को सौंपा गया है।