एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक ने कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन से जुड़े विदेशी कनेक्शन के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने कहा कि आंदोलन को बांग्लादेश, पाकिस्तान और अमेरिका में बड़ी संख्या में समर्थन मिलने की बात कही जा रही थी। इसके बाद उन्होंने CJP के सोशल मीडिया फॉलोअर्स के डेटा का विश्लेषण किया। उनके मुताबिक, करीब 94% फॉलोअर्स भारत से थे, जबकि सिर्फ 6% दूसरे देशों से थे। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों के आधार पर उन्हें आंदोलन के लिए बाहर से फंडिंग मिलने की बात पर भरोसा नहीं है। हालांकि, उनके मुताबिक शैक्षणिक रिकॉर्ड या किसी भी बड़े दावे की जांच जरूर होनी चाहिए। ये बातें उन्होंने प्रखर गुप्ता के पॉडकास्ट में कहीं। वांगचुक बोले- CJP के नेता राजनीति में जाना चाहते हैं; 3 बातें आमिर खान के कभी ना मिलने वाले बयान पर : आमिर खान के "कभी न मिलने" वाले बयान पर सोनम वांगचुक ने तंज कसते हुए कहा, "आमिर ने कहा कि हम कभी मिले ही नहीं। फिर एक वीडियो सामने आए जिनमें वे 'गजनी' के लुक में मेरा भाषण सुन रहे थे, हो सकता है 'गजनी' के कैरेक्टर की तरह उन्हें भी शॉर्ट-टर्म मेमोरी लॉस हो गया हो। अभिजीत दीपके के राजनीति में जाने पर: सोनम वांगचुक ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) से जुड़े लोगों की राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं हैं, जिसका अंदाजा उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान लगाया था। हालांकि, वांगचुक ने यह भी कहा कि राजनीतिक महत्वाकांक्षा होना गलत नहीं है। लाठीचार्ज के बाद लोग जंतर-मंतर से जाना चाहते थे: वांगचुक ने बताया, "एक-दो लोगों ने मुझसे पूछा कि लाठीचार्ज के बाद यहां से कैसे निकलें, हम यह जगह छोड़ना चाहते हैं। मंच तोड़ दिया गया था, लोग जा चुके थे, उनका कहना था कि अब कोई उम्मीद नहीं बची है।" हालांकि, वांगचुक ने बताया कि अगले दिन प्रदर्शनकारी वापस लौट आए। वांगचुक ने 28 जून को भूख हड़ताल शुरू की थी वांगचुक ने NEET-UG पेपर लीक और परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों के समर्थन में 28 जून को दिल्ली के जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। तबीयत बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस ने 18 जुलाई को वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। बाद में उन्हें मेदांता अस्पताल में एडमिट किया गया। सरकार के आश्वासन के बाद 24 जुलाई को वांगचुक ने भूख हड़ताल खत्म की थी। लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा की मांग के लिए वांगचुक 170 दिन जेल में रहे वांगचुक इससे पहले लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर 170 दिन तक जोधपुर जेल में रहे। उन पर आरोप था कि अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह में हिंसा हुई, जिसमें 4 लोगों की मौत और 90 लोग घायल हुए। सरकार ने वांगचुक पर हिंसा भड़काने का आरोप लगाया। 26 सितंबर को उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेज दिया गया। ------------ ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट ने जंतर-मंतर प्रोटेस्ट की सभी FIR रद्द कीं, कॉकरोच जनता पार्टी ने 5 सितंबर का मार्च वापस लिया सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कॉकरोच जनता पार्टी के आंदोलन से जुड़ी सभी FIR को रद्द कर दिया है। यह आदेश देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज मामलों पर लागू होगा। पूरी खबर पढ़ें…