श्रीगंगानगर में कृषि भूमि खरीदने के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने का मामला सामने आया है। आरोपी ने इकरारनामा कर जमीन की रजिस्ट्री नहीं करवाई और रजिस्ट्री दूसरी महिला के नाम कर दी। आरोपी अब पैसे देने से भी मना कर रहा है। मामला जिले के केसरीसिंहपुर थाना क्षेत्र का है। 30 लाख रुपए में किया था सौदा पुलिस को दी रिपोर्ट में शिकायतकर्ता ललित जोशी (45) निवासी 4 जी-6 जवाहर नगर (श्रीगंगानगर) ने बताया कि 7 मई 2024 को उन्होंने रणजीत सिंह बराड़ निवासी गांव 25 एफ गुलाबेवाला से केसरीसिंहपुर क्षेत्र की 7 बीघा 18 बिस्वा कृषि भूमि 30 लाख रुपए में खरीदने का इकरारनामा किया था। इकरारनामा उप-पंजीयक कार्यालय केसरीसिंहपुर में पंजीकृत हुआ। बयाना के रूप में 27 लाख रुपए दिए गए। 25 लाख रुपए चेक से और 2 लाख कैश दिए गए। चेक के पैसे भी आरोपी के खाते में जमा हो चुके हैं। स्टे से पहले रजिस्ट्री करवा दी इकरारनामे के अनुसार 3 लाख रुपए लेकर 6 अप्रैल 2025 तक रजिस्ट्री करवानी थी। लेकिन रणजीत सिंह ने ऐसा नहीं किया। इसके बजाय 1 मई 2025 को श्रीकरणपुर उप-पंजीयक कार्यालय में उसी जमीन की बिक्री रजिस्ट्री मंजू देवी निवासी गांव 52 एलएनपी, मांझूवास के नाम कर दी। ललित जोशी ने कहा कि मंजू देवी को पहले वाले इकरारनामे की जानकारी थी। फिर भी उन्होंने जमीन खरीद ली। इस बीच अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीकरणपुर की कोर्ट में सिविल वाद भी दायर किया गया है। कोर्ट ने नोटिस जारी किए और 12 मई 2025 को संपत्ति पर स्टे लगा दिया। आरोप है कि स्टे से पहले ही दोनों आरोपी मिलकर रजिस्ट्री करवा चुके थे। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच एएसआई सूरजभान कर रहे हैं। शिकायतकर्ता ने जमीन को राजकीय संरक्षण में लेने की भी मांग की है।