तमिलनाडु विधानसभा में 7 सितंबर को सीएम विजय के हाथ से किए गए इशारे को लेकर विवाद हो गया। मंगलवार को विजय ने इस इशारे के लेकर सफाई दी। उन्होंने कहा कि यह जानबूझकर नहीं किया गया था। विजय के इशारे को लेकर सरकार को बाहर से समर्थन दे रही CPM ने कहा कि इशारा पूर्व CM एमके स्टालिन की बॉडी-शेमिंग है। वहीं विपक्षी DMK ने आरोप लगाया कि विजय ने आपातकाल के दौरान गिरफ्तारियों का मजाक उड़ाया है। पहले जान लें क्या है मामला विजय ने 7 सितंबर को सदन में आपातकाल और मेंटेनेंस ऑफ इंटरनल सिक्योरिटी एक्ट 1971, (MISA) के तहत गिरफ्तारियों का जिक्र किया था। उन्होंने स्टालिन का नाम लिए बिना कहा, हर बात पर हमारे दोस्त कहते रहते हैं कि हमने MISA देखा है। अगर वे हर बात में MISA ले आएं, तो हम क्या कर सकते हैं।’ इस दौरान वे हाथ को अपने जबड़े के पास ले गए। DMK ने इस इशारे को एमके स्टालिन के जबड़े से जोड़कर देखा। स्टालिन को आपातकाल के दौरान 1976 में गिरफ्तार किया गया था। आरोप है कि पुलिस हिरासत में उन पर हमला हुआ था, जिससे उनका जबड़ा टूट गया था। DMK बोली- आपातकाल को भद्दे तरीके से पेश कर रहे सीएम DMK सांसद कनिमोझी ने कहा कि विजय भारतीय राजनीतिक इतिहास के सबसे अंधेरे दौर को हल्का करके पेश कर रहे हैं। कनिमोझी ने कहा, वे MISA और आपातकाल को भद्दे तरीके से पेश कर रहे हैं। देशभर में इसका विरोध करने वाले बहुत से लोगों को जेल में डाल दिया गया था। उन्होंने कितना कुछ सहा। उनके कई कम्युनिस्ट साथी भी जेल में बंद किए गए थे।आज मुख्यमंत्री विजय का भाषण सबसे निचले स्तर तक पहुंच गया TVK ने बॉडी-शेमिंग के आरोप से इनकार किया TVK के प्रवक्ता सत्यकुमार ने बॉडी-शेमिंग के आरोप को खारिज किया। उन्होंने कहा, ‘वह सिर्फ एक इशारा था और इसमें कोई बॉडी-शेमिंग नहीं थी।’ TVK असहमति का स्वागत करती है। कानून मंत्री बोले- हर गिरफ्तारी MISA के तहत नहीं MISA को लेकर विवाद विधानसभा में भी गूंजा। बहस के दौरान कानून मंत्री निर्मल कुमार ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा, ‘आपातकाल के दौरान चोरी, हत्या या महिलाओं को बदनाम करने के मामलों में भी गिरफ्तारियां हुई थीं। सभी गिरफ्तारियों को MISA के तहत हुई गिरफ्तारी नहीं माना जा सकता।’ एमके स्टालिन की 1976 की गिरफ्तारी और जबड़ा टूटना 1976 में इमरजेंसी के दौरान, एमके स्टालिन को MISA के तहत गिरफ्तार किया गया था। स्टालिन ने अपनी आत्मकथा में बताया कि चेन्नई सेंट्रल जेल में पुलिस हिरासत के दौरान उन्हें बेरहमी से पीटा गया था। इस कारण उनका जबड़ा टूट गया था। बॉडी-शेमिंग क्या है? बॉडी-शेमिंग का अर्थ किसी व्यक्ति के शारीरिक आकार, वजन, रंग या बनावट को लेकर नकारात्मक टिप्पणी करना या उसका मजाक उड़ाना है। यह एक प्रकार की हिंसा है जो व्यक्ति के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डाल सकती है, जिससे उसे शर्मिंदगी, तनाव और हीन भावना महसूस हो सकती है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें: तृषा ने विजय को जन्मदिन की बधाई दी:बर्थडे के एक दिन बाद केक के साथ फोटो शेयर कर लिखा- जन्मदिन मुबारक अफेयर की खबरों के बीच एक्ट्रेस तृषा ने मुख्यमंत्री विजय के 52वें जन्मदिन के एक दिन बाद सोशल मीडिया पर उन्हें बधाई दी। उन्होंने केक के साथ दोनों की तस्वीर शेयर करते हुए कैप्शन में लिखा, "उस इंसान को जन्मदिन मुबारक, जो हर चीज को मायने देता है।" पढ़ें पूरी खबर…