शिक्षा विभाग ने नगर निकाय चुनाव के कारण स्कूली खेलकूद प्रतियोगिताओं की तारीख बदल दी, लेकिन नई तारीखों से शिक्षकों के सामने दूसरी परेशानी खड़ी हो गई है। अब जिला स्तरीय शिक्षक खेलकूद प्रतियोगिता, जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन और डीएलएड परीक्षा की तारीखें आपस में टकरा रही हैं। ऐसे में शिक्षकों के सामने सवाल है कि एक ही दिन दो अलग-अलग जगह अपनी मौजूदगी कैसे दर्ज कराएं। इस बार जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन 18 और 19 सितंबर को होना है। वहीं शिक्षा निदेशक ने नगर निकाय चुनाव के कारण जिला स्तरीय शिक्षक खेलकूद प्रतियोगिताओं की तारीख 8-9 सितंबर से बदलकर 16-17 सितंबर कर दी है। डीएलएड परीक्षा की तारीख भी इन्हीं दिनों हाल ही में कार्यालय पंजीयक, शिक्षा विभागीय परीक्षाएं, राजस्थान, बीकानेर के उपनिदेशक शीशराम कुलहरि ने डीएलएड द्वितीय वर्ष की मुख्य परीक्षाओं का बदला हुआ कार्यक्रम जारी किया है। इस कार्यक्रम में जिला स्तरीय शिक्षक सम्मेलन की तारीखों का ध्यान नहीं रखा गया। 16 और 17 सितंबर को जिला स्तरीय शिक्षक खेलकूद प्रतियोगिता के साथ डीएलएड द्वितीय वर्ष में तृतीय भाषा शिक्षण और स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा की परीक्षा रखी गई है। वहीं 18 सितंबर को सामाजिक विज्ञान या विज्ञान शिक्षण का पेपर है। यानी 16, 17 और 18 सितंबर को शिक्षकों के अलग-अलग कार्यक्रम और परीक्षाएं एक-दूसरे से टकरा रही हैं। इस तरह टकरा रही तारीखें बच्चों को संभालने वाले शिक्षक खुद भी खिलाड़ी विद्यार्थियों की खेल प्रतियोगिताओं में पीटीआई और खेल प्रभारियों की अहम भूमिका रहती है। इन्हें खिलाड़ियों की तैयारी कराने से लेकर प्रतियोगिता की जगह पर उनकी देखरेख तक की जिम्मेदारी निभानी होती है। दूसरी ओर इन्हीं शिक्षकों को 16-17 सितंबर को होने वाली शिक्षक खेलकूद प्रतियोगिताओं में खुद खिलाड़ी के रूप में हिस्सा लेना है। इसके बाद 18-19 सितंबर को शिक्षक सम्मेलन में भी शामिल होना है। इस तरह शिक्षकों के सामने एक साथ कई जिम्मेदारियां आ गई हैं। तारीखों के इस टकराव के कारण उनके लिए यह तय करना मुश्किल हो रहा है कि वे परीक्षा, खेलकूद प्रतियोगिता और सम्मेलन में एक साथ कैसे शामिल हों। तारीखों में बदलाव की मांग शिक्षक संघ रेसटा, राजस्थान के प्रदेशाध्यक्ष मोहर सिंह सलावद ने शिक्षा विभाग से इस मामले पर गंभीरता से विचार करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि तारीखों में बदलाव कर नया आदेश जारी किया जाना चाहिए, ताकि शिक्षक सभी जरूरी कामों में शामिल हो सकें। सम्मेलनों में 100% उपस्थिति की मांग मोहर सिंह सलावद ने बताया कि शिक्षक संघ रेसटा जिला और राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मेलनों में शिक्षकों की 100 प्रतिशत उपस्थिति की मांग कर रहा है। संघ की मांग है कि इसके लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से स्थायी आदेश जारी किया जाए। जो शिक्षक शिक्षक सम्मेलनों में शामिल नहीं होते हैं, उनकी स्कूलों में उपस्थिति सुनिश्चित की जाए।