हेरिटेज निगम में कांग्रेस का बोर्ड गिराने में निभाई थी भूमिका हेरिटेज निगम में कांग्रेस का बोर्ड गिराकर बीजेपी का बोर्ड बनाने में अहम भूमिका निभाने वाले कांग्रेस के बागी पार्षद अब खुद राजनीतिक संकट में फंस गए हैं। जिन पार्षदों के भरोसे कांग्रेस का बोर्ड अल्पमत में आया और बीजेपी ने सत्ता संभाली, आज वही पार्षद टिकट के लिए दोनों दलों के बीच भटक रहे हैं। इन पार्षदों को भाजपा से टिकट मिलने की उम्मीद थी, लेकिन अंदरखाने पार्टी ने दावेदारी पर ब्रेक लगा दिए है। ऐसे में अब तीन पार्षद वापस कांग्रेस का दरवाजा खटखटा रहे हैं। इनमें से दो पार्षदों ने हाल ही में शहर कांग्रेस में अहम भूमिका रखने वाले एक वरिष्ठ नेता से मुलाकात कर टिकट की दावेदारी भी जताई। उन्हें साफ संकेत दे दिया गया कि जब भाजपा में जाने का फैसला किया था, तब कांग्रेस से पूछकर नहीं गए थे। अब कांग्रेस में वापसी की जगह नहीं है। ऐसे में बोर्ड गिराने वाले ये पार्षद ‘न घर के रहे, न घाट के’ वाली स्थिति में पहुंच गए हैं। 8 ने बदला था सत्ता का गणित, अब सभी के सामने टिकट का संकट हेरिटेज निगम में कांग्रेस का बोर्ड गिराने में 8 कांग्रेस पार्षदों की भूमिका रही थीं। 3 पार्षद बाद में भाजपा छोड़कर कांग्रेस में लौट आए थे। कांग्रेस ने इन तीनों को निगम चुनाव में टिकट देने से मना कर दिया है। दूसरी तरफ भाजपा के साथ गए बाकी पार्षद भी अब असमंजस में हैं। इनमें से तीन पार्षद बीजेपी से टिकट मांग रहे हैं। हालांकि पार्टी के अंदर इनको टिकट देने को लेकर सहमति नहीं बन रही है। ऐसे में इन पार्षदों ने अब दोबारा कांग्रेस में राजनीतिक जमीन तलाशना शुरू कर दिया है। कांग्रेस नेता ने दो टूक कहा- बीजेपी में जाते समय मुझसे पूछा था क्या? कुछ दिन पहले इनमें से दो पार्षदों ने शहर कांग्रेस में प्रभाव रखने वाले एक वरिष्ठ नेता से मुलाकात की। दोनों ने कांग्रेस से पार्षद का टिकट दिलाने की पैरवी की। लेकिन नेता ने दोनों को तवज्जो नहीं दी। बातचीत में उन्हें यह तक कह दिया गया कि ‘बीजेपी में जाते समय मुझसे पूछकर गए थे क्या? अब कांग्रेस में आपके लिए कोई जगह नहीं है।’ इस जवाब के बाद दोनों पार्षदों की मुश्किल और बढ़ गई है। बीजेपी में टिकट का भरोसा नहीं और कांग्रेस में पुराने फैसले की वजह से रास्ता बंद है।