उदयपुर आए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार पर बेईमानी का आरोप लगाया है। कहा- नगर निकाय और पंचायतीराज में वार्डों के परिसीमन करने में सरकार ने बेईमानी की है। पंचायतों से लेकर नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों तक परिसीमन को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। गहलोत ने कहा कि जनता अब इसका जवाब निकाय चुनाव में देगी। गहलोत ने नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस के टिकट वितरण को लेकर कहा कि टिकट मांगने वालों की संख्या हमेशा ज्यादा होती है, लेकिन इस बार प्रदेश में माहौल कांग्रेस के पक्ष में होने से दावेदारों की संख्या और बढ़ गई है। उदयपुर की एक होटल में शनिवार की रात उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। गहलोत ने कहा कि किस वार्ड में कौन जीतने की स्थिति में है, इसकी सही जानकारी स्थानीय कार्यकर्ताओं और नेताओं को ही होती है। जयपुर में बैठकर यह तय नहीं किया जा सकता कि किस वार्ड से कौन उम्मीदवार मजबूत है। गहलोत ने कहा कि पास किसी की सिफारिश आने या फोन करने मात्र से टिकट नहीं दिया जाना चाहिए। जमीन पर उम्मीदवार की स्थिति और जीतने की क्षमता देखना जरूरी है। उन्होंने माना कि टिकट वितरण के बाद शिकायतें होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि टिकट नहीं मिलने के बावजूद अगर कोई उम्मीदवार जिताऊ और योग्य है तो उसे बोर्ड, निगम या पार्षद मनोनयन सहित अन्य माध्यमों से समायोजित किया जा सकता है। गहलोत जिंदाबाद के नारे लगे जिस होटल में रात को गहलोत गए वहां पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता पहुंच गए थे। जैसे ही गहलोत वहां पहुंचे तो कार्यकर्ताओं ने गहलोत जिंदाबाद के नारे लगाए। कार्यकर्ताओं ने चौथी बार गहलोत सरकार के नारे भी लगातार लगाए। गहलोत ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से टिकट घोषित होने के बाद आपसी लड़ाई से बचने की अपील की, कहा कि बीजेपी कांग्रेस में झगड़ा कराने के लिए तैयार बैठी है। कांग्रेस को एकजुट होकर अधिक से अधिक नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों में बोर्ड बनाना है। परिसीमन में बेईमानी का आरोप गहलोत ने नगर निकाय और पंचायतीराज में वार्डों के परिसीमन को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव जीतने के लिए परिसीमन प्रक्रिया में बेईमानी की गई। पंचायतों से लेकर नगर पालिकाओं, नगर परिषदों और नगर निगमों तक परिसीमन को लेकर शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि अब इसका जवाब चुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवारों को जिताकर दिया जाना चाहिए। योजनाएं बंद करने से जनता में आक्रोश पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत ने कहा कि पूरे प्रदेश में उत्साह का मुख्य कारण कांग्रेस सरकार के समय लागू की गई योजनाएं हैं। उनके अनुसार पिछली सरकार के समय गांव-गांव में विकास कार्य हुए और लोगों को योजनाओं का लाभ मिला, लेकिन नई सरकार आने के बाद कई योजनाएं रोक दी गईं। उन्होंने दावा किया कि इससे गांवों, शहरों और कस्बों में लोगों में भारी आक्रोश है। हमने 12 लाख पट्टे जारी किए गहलोत ने शहरी रोजगार योजना बंद करने, पट्टे जारी नहीं होने और विकास कार्यों की गति धीमी होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय करीब 12 लाख पट्टे जारी किए गए थे, जबकि वर्तमान सरकार के ढाई साल के कार्यकाल में बार-बार कैंप लगाने के बावजूद पट्टे जारी करने की प्रक्रिया प्रभावी नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि कई जगह सड़कें खुदी हुई हैं, भवन बनकर तैयार हैं लेकिन उनका उद्घाटन तक नहीं हो रहा। गहलोत ने आरोप लगाया कि सरकार के कामकाज से भ्रष्टाचार बढ़ा है और आम लोगों को बिना पैसे दिए काम कराने में परेशानी हो रही है।