दीपावली से पहले जिले के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प किया जाएगा। शिक्षा विभाग की ओर से चलाए जा रहे विद्यालय सौंदर्यीकरण एवं दीपोत्सव अभियान के तहत जिले के 1344 राजकीय विद्यालयों और शैक्षणिक कार्यालयों को स्वच्छ, सुंदर और रोशनी से जगमग बनाने की तैयारी है। माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर के निदेशक ललित कुमार की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अभियान 22 अक्टूबर से दीपोत्सव तक संचालित किया जाएगा। हालांकि, स्कूलों में विशेष रोशनी की व्यवस्था के लिए विभाग के पास अलग से राशि उपलब्ध नहीं होने के कारण भामाशाहों और जनसहयोग पर निर्भरता रहेगी। शिक्षक, विद्यार्थी और ग्रामीण करेंगे सहयोग : अभियान का उद्देश्य स्कूलों को सुंदर बनाने के साथ विद्यार्थियों और स्थानीय समुदाय में विद्यालय के प्रति अपनत्व और गौरव की भावना विकसित करना भी है। इसके लिए शिक्षक, विद्यार्थी, अभिभावक, ग्रामवासी, स्काउट-गाइड, एनएसएस, एनसीसी और स्थानीय सामाजिक संगठनों से जनसहयोग व श्रमदान लिया जाएगा। विद्यालयों के खेल मैदान, कक्षा-कक्ष, शौचालय, पेयजल स्थल और आसपास के क्षेत्रों की सफाई कराई जाएगी। अनुपयोगी फर्नीचर और पुरानी दरी-पट्टी का नियमानुसार निस्तारण या नीलामी की जाएगी। मरम्मत के लिए कंपोजिट ग्रांट का प्रावधान : निदेशक के दिशा-निर्देशों के अनुसार, शौचालयों सहित अन्य आवश्यक मरम्मत कार्यों के लिए समग्र शिक्षा की कंपोजिट ग्रांट का नियमानुसार उपयोग किया जा सकेगा। सभी कार्य राजस्थान लोक उपापन पारदर्शिता अधिनियम-2012, नियम-2013 और सामान्य वित्तीय एवं लेखा नियमों के तहत पारदर्शी तरीके से किए जाएंगे। ^सरकार के आदेश आए हैं। इसकी पालना 100 प्रतिशत की जाएगी। इसके लिए सभी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दे दिए हैं। संबंधित पीओ व अन्य अधिकारियों को मॉनीटरिंग करने के निर्देश भी दिए हैं। छोटे से छोटे स्कूल को भी रोशन किया जाएगा। अभियान की खास बात यह है कि बच्चे इससे हमारी सभ्यता और संस्कृति के बारे सीखते हैं। वे त्योहार की भव्यता से भी परिचित होते हैं। -कमलेश त्रिपाठी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक अभियान के तहत सभी राजकीय विद्यालयों में सफाई, मरम्मत और रखरखाव के जरूरी कार्य दीपावली से पहले पूरे करने होंगे। इसके लिए 6 नवंबर तक की समय सीमा तय की गई है। इसके बाद दीपोत्सव तक विद्यालय परिसरों में विशेष लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी, ताकि स्कूल आकर्षक और रोशनी से जगमग दिखाई दें। अरनोद- 101, छोटीसादड़ी- 185, दलोट- 132, धमोतर- 144, धरियावद- 289, पीपलखूंट- 175, प्रतापगढ़- 169, सुहागपुरा- 149