भास्कर संवाददाता| डूंगरपुर गांवों में स्थायी विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से शुरू की गई नई ग्रामीण विकास योजना के पहले चरण में सिर्फ श्रम आधारित कामों को प्राथमिकता मिली है। योजना के निर्देशों में सीसी रोड, पुलिया, सामुदायिक भवन, जल संरक्षण संरचनाएं और अन्य स्थायी परिसंपत्तियों सहित 318 प्रकार के कार्यों को शामिल किया है। लेकिन, जिले में मंजूर हुए कार्यों में फिलहाल निर्माण कार्य जारी नहीं हुए हैं। जिले की 353 ग्राम पंचायतों ने अपने क्षेत्रों की जरूरतों के अनुसार विकास के हजारों प्रस्ताव प्रशासन को भेजे। विभागीय आंकड़ों के अनुसार प्रत्येक पंचायत से औसतन 10 से 12 प्रस्ताव प्राप्त हुए, यानी जिलेभर से 3500 से अधिक प्रस्ताव पहुंचे। इनमें सीसी सड़कें, नालियां, सामुदायिक भवन, चारिदवारी, पुलिया, जल संरक्षण संरचनाएं और अन्य आधारभूत विकास कार्य शामिल थे। पंचायतों को उम्मीद थी कि नई योजना गांवों की वर्षों पुरानी अधोसंरचना संबंधी समस्याओं के समाधान का माध्यम बनेगी। लेकिन, अब तक जारी स्वीकृति सूची में सिर्फ 57 ग्राम पंचायतों के 289 कार्यों को ही 15.83 करोड़ रुपए की मंजूरी मिली है। पंचायतवार सूची के अनुसार अधिकांश पंचायतों को केवल 2 से 6 कार्यों की स्वीकृति मिली है। कुछ पंचायतों में यह संख्या 9 से 14 तक पहुंची है। लेकिन, वहां भी प्राथमिकता श्रम आधारित कच्चे कार्यों को ही दी गई है। योजना के निर्देशों में आधारभूत संरचना विकास, जल संरक्षण व संसाधन विकास, सामुदायिक उपयोग के निर्माण कार्य व स्थायी सार्वजनिक परिसंपत्तियों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है। इन श्रेणियों में सीसी रोड, क्रॉस ड्रेनेज स्ट्रक्चर, सामुदायिक भवन, प्लेटफॉर्म और अन्य निर्माण कार्य शामिल हैं। इसके बावजूद पहली स्वीकृति सूची में ऐसे कार्य दिखाई नहीं देते। ग्रामीण क्षेत्रों में खराब सड़कें, जल निकासी की कमी और सार्वजनिक भवनों का अभाव सबसे बड़ी समस्याएं हैं। बरसात में कई गांवों के कच्चे रास्ते दलदल में बदल जाते हैं और आवागमन बाधित होता है। पंचायतों ने इन्हीं समस्याओं के समाधान के लिए प्रस्ताव भेजे थे। लेकिन, स्वीकृति प्रक्रिया में उनकी प्राथमिकता बदलती नजर आई है। सूत्रों के अनुसार योजना के शुरुआती चरण में अधिक रोजगार सृजन के उद्देश्य से श्रम आधारित कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। वीबी जीरामजी योजना में रोजगार के साथ टिकाऊ परिसंपत्तियों का निर्माण भी उतना ही जरूरी है। ^अभी योजना लागू हुई है। बजट का आवंटन होना बाकी है। धीरे-धीरे सभी तरह के कामों को भी लिया जाएगा। - महेश ओझा, अधिशासी अभियंता योजना में कुल 318 प्रकार के कार्य चार प्रमुख श्रेणियों में शामिल किए हैं। इनमें वाटर सिक्योरिटी के 107 कार्य, कोर रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर के 90 कार्य, रूरल लाइवलीहुड के 86 कार्य व डिजास्टर मैनेजमेंट के 35 कार्य शामिल हैं। कोर रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर श्रेणी में सीसी रोड, पुलिया, सामुदायिक भवन और अन्य आधारभूत ढांचे के निर्माण कार्यों को स्पष्ट रूप से शामिल किया है।