भास्कर संवाददाता | चूरू जिले में किराए के भवनों में चल रहे 252 आंगनबाड़ी केंद्रों का 4 माह किराया बकाया चल रहा है। विभाग को किराए के करीब 10 लाख रु. चुकाने हैं। दूसरी तरफ, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय भी 2 माह से नहीं दिया जा रहा है। कार्यकर्ताओं को अब अप्रैल महीने तक का मानदेय मिला है, जबकि अभी मई व जून माह का मानदेय बाकी चल रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को 6 हजार रु. राज्य सरकार व 4500 रु. केंद्र सरकार तरफ से मानदेय मिलता है। यानी एक कार्यकर्ता को 10500 रु. मानदेय मिलता है। जिले में 1707 कार्यकर्ताओं का 2 माह मानदेय बाकी है, तो कार्यकर्ताओं के लगभग 3.58 करोड़ रुपए अटके हैं। इसके चलते जिले कई आंगनबाड़ी केंद्रों पर ताले लगने तक की नौबत आ गई है। खासकर उन भवनों पर जो किराए के भवनों में चल रहे हैं। केस 1 : राजगढ़ के वार्ड 22 में स्थित आंगनबाड़ी किराए के भवन में चल रहा है। करीब 6-7 माह से किराए का भुगतान नहीं हुआ है। कार्यकर्ता सुमन देवी को मजबूरन अपनी जेब से किराए का भुगतान करना पड़ रहा है। सुमन अब तक करीब 5 हजार रुपए चुका चुकी हैं। करीब 4 माह से उन्हें मानदेय नहीं मिला है। उनके 44 हजार रुपए बकाया चल रहे हैं। केस 2 : राजगढ़ के वार्ड 25 में आंगनबाड़ी केंद्र किराए के भवन में संचालित हो रहा है। केंद्र की कार्यकर्ता बीनू देवी ने बताया कि दिसंबर 2025 से भवन के किराए का भुगतान नहीं हुआ है। कई माह से वे खुद किराया दे रहीं हैं। हर माह 750 रुपए किराए का भुगतान कर रही हैं। उन्होंने बताया कि फरवरी माह से उन्हें मानदेय भी नहीं मिला है। इस कारण उन्हें आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। ^आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को करीब 4-5 माह से मानदेय नहीं मिला है। इसके अलावा फोन रिचार्ज अलाउंस, पोषण ट्रैकर पर काम करने का इन्सेंटिव, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के फार्म भरने का इंसेंटिव भी कई महीनों से बकाया चल रहा है। कार्यकर्ताओं को जो भुगतान किया जाता है उसकी प्रमाणित प्रति महिला पर्यवेक्षक को हर सैक्टर बैठक में देनी चाहिए। - सविता धोलिया, जिला मंत्री, ^आंगनबाड़ी कार्यकर्ता संघ, चूरू आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अप्रैल माह तक का भुगतान किया जा चुका है। मई-जून महीने का मानदेय भी कुछ दिनों में ईसीएस के माध्यम में किया जाएगा। ये प्रक्रिया मुख्यालय के स्तर पर होती है। जिले में करीब 252 केंद्र किराए के भवन में चल रहे हैं, इन केंद्रों को सरकारी कार्यालयों व स्कूलों में शिफ्ट करने के प्रयास कर रहे हैं। - नरेंद्र सिंह शेखावत, उप निदेशक, चूरू विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 1760 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। इनमें से 252 केंद्र किराए के भवन में संचालित किए जा रहे हैं। यानी करीब 14 प्रतिशत से अधिक केंद्र किराए के भवनों में चल रहे हैं। इसके अलावा 704 केंद्र विभागीय भवनों में चल रहे हैं। वहीं 140 केंद्र ऐसे हैं, जिन्हें मरम्मत की जरूरत है। अधिकारियों के अनुसार इनकी मरम्मत के लिए प्रशासनिक स्वीकृति भी मिल चुकी हैं। पीडब्ल्यूडी इन केंद्रों की मरम्मत करेगा। इसके अलावा पूर्व में कई जर्जर घोषित भवनों को खाली करके उन आंगनबाड़ी केंद्रों को सरकारी स्कूलों व अन्य विभागीय कार्यालय में शिफ्ट किया गया है।