गत वर्ष से 3 गुना से ज्यादा सीटें खाली, 200-1000 रुपए तक कटेंगे प्रदेश में बीएड की 40.35% सीटें खाली रह गईं। पिछले तीन साल के आंकड़ों में इस बार सबसे ज्यादा सीटें रिक्त हैं। इस बीच पीटीईटी-2026 की काउंसलिंग में प्रवेश नहीं ले पाने वाले अभ्यर्थियों को फीस वापसी का मौका दिया गया है। 21 अक्टूबर तक रिफंड पोर्टल के जरिये करीब 4 करोड़ रुपए लौटाए जाएंगे। इसके लिए अभ्यर्थियों को पोर्टल पर बैंक खाते का विवरण दर्ज करना होगा। सत्यापन के बाद राशि सीधे खाते में भेजी जाएगी। प्रदेश के 942 बीएड कॉलेजों में दो वर्षीय पाठ्यक्रम की 1,07,640 सीटें हैं। इनमें से 64,200 पर ही प्रवेश हुए, जबकि 43,400 सीटें खाली रह गईं। वर्ष 2025 में 93,896 प्रवेश के बाद 13,744 सीटें रिक्त थीं। वहीं, 2024 में सिर्फ 935 सीटें खाली रही थीं। इस बार रिक्त सीटों की संख्या पिछले साल के मुकाबले तीन गुना से भी अधिक है। स्लैब के अनुसार होगी कटौती काउंसलिंग के किसी भी चरण में सीट आवंटित नहीं होने पर 5,000 रुपए के पंजीयन शुल्क में से 200 रुपए काटकर 4,800 रुपए लौटाए जाएंगे। सीट आवंटित होने के बावजूद रिपोर्टिंग नहीं करने या संस्थान का विकल्प नहीं चुनने पर 600 रुपए काटे जाएंगे। गलत तथ्य, बढ़े हुए अंक या गलत श्रेणी के आधार पर अयोग्य घोषित होने, निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करने और 15 अक्टूबर तक प्रवेश निरस्त कराने वाले अभ्यर्थियों के शुल्क से 1,000 रुपए काटे जाएंगे। प्रवेश के बाद अभ्यर्थी की आकस्मिक मृत्यु होने पर जरूरी दस्तावेजों के आधार पर पति-पत्नी या माता-पिता के बैंक खाते में पूरी फीस लौटाई जाएगी।