ग्रामीणों ने लगाया आरोप भास्कर न्यूज | सवाईमाधोपुर रवांजना डूंगर थाना पुलिस ने 2 अक्टूबर को ड्राई डे पर 50 पेटी अवैध शराब जब्त की। मगर 18 दिन बाद भी पुलिस मुख्य सप्लायर तक नहीं पहुंच पाई है। ना ही आबकारी टीम ने जब्त माल की बैच मार्क आदि की जांच की। इससे ग्रामीणों में आक्रोश है। उन्होंने आबकारी आयुक्त को शिकायत भेजी। उन्होंने बंद क्लस्टर शॉप का माल होने की आशंका जताई। उन्होंने कहा कि छोटे तस्कर पकड़े गए हैं। बड़े माफिया अब भी बेखौफ हैं। दरअसल, मुखबिर की सूचना पर लहसोड़ा पुलिस चौकी ने कार से 50 पेटी (2400 पव्वे) अवैध देशी शराब के साथ दो तस्करों को पकड़ा था। इसके 18 दिन बाद भी मामले में मुख्य सप्लायर और खरीदार पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। पुलिस ने सिर्फ मौके से पकड़े गए दो लोगों को गिरफ्तार कर खानापूर्ति कर दी। शराब कहां से आई, किसके कहने पर ले जाई जा रही थी, इसकी जांच अधर में लटकी है। गौरतलब है कि 2 अक्टूबर की रात एएसआई कुशल कुमार ने मुखबिर की सूचना पर लहसोड़ा चौकी पर नाकाबंदी की। उन्होंने सवाईगंज की तरफ से आ रही टवेरा कार को पकड़ा। कार में 50 कार्टन में 2400 पव्वे देशी शराब भरी हुई थी। मौके पर अशोक और नारायण को गिरफ्तार किया गया था। छोटे तस्कर पकड़े, बड़े माफिया बेखौफ स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने शराब और गाड़ी जब्त करने के बाद से आगे की जांच नहीं बढ़ाई। आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज होने के बावजूद शराब तस्करी के नेटवर्क में शामिल बड़े लोगों पर हाथ नहीं डाला गया। इससे क्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार फिर से पनपने लगा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि मामले में निष्पक्ष जांच हो। मुख्य सप्लायर को भी जल्द गिरफ्तार किया जाए। क्षेत्र में चल रहे अवैध शराब के अड्डों पर स्थायी कार्रवाई की जाए। ताकि पंचायत चुनाव से पहले शराब माफियाओं पर नकेल कसी जा सके। इस मामले में थाने के हेड कांस्टेबल प्रेमचंद वर्मा ने कहा कि अभी जांच जारी है।