जिला कलेक्टर डॉ. अमित यादव के आदेशानुसार मेडिकल आधार पर ड्यूटी कटवाने के लिए संबंधित अधिकारी व कर्मचारी को निर्वाचन प्रकोष्ठ में आवेदन करना होगा। वहां से उसका आवेदन मेडिकल जांच के लिए मार्क किया जाएगा। जिला अस्पताल में डॉक्टर बदल-बदल कर बोर्ड बनेगा। कलेक्टर के अनुसार कुछ प्रकरणों की मेडिकल मुआयना करवाया गया तो तथ्य झूठे पाए गए। बीमारी के बहाने ड्यूटी कटवाने की कोशिश: चुनावी ड्यूटी से बचने के लिए कुछ कार्मिक बवासीर, पेट दर्द, अपच, थकावट और घबराहट जैसी बीमारियों का हवाला दे रहे हैं। कुछ ने पित्ते और गुर्दे की पथरी के पुराने इलाज की पर्चियां लगाकर आराम की जरूरत बताई। कर्मचारियों के डेटाबेस में पुरुष नामों के आगे महिला दर्ज होने के तीन मामले भी सामने आए। इसे लिपिकीय त्रुटि बताया गया। जांच की बात पर कर्मचारी ने वापस ली अर्जी: एक कर्मचारी हाथ में फ्रैक्चर बताकर निजी डॉक्टर की पर्चियां लेकर कलेक्टर डॉ. अमित यादव के पास पहुंचा। उसने बेड रेस्ट की जरूरत बताते हुए ड्यूटी कटवाने की मांग की। कलेक्टर ने हाथ की स्थिति देखते हुए मेडिकल जांच करवाने की बात कही। इसके बाद कर्मचारी ने अपनी अर्जी वापस ले ली और कहा कि वह दवा लेता रहेगा। गुरु की ड्यूटी कटवाने पहुंचे, खुद की लगाने की बात पर पीछे हटे: एडीएम प्रशासन सुभाषचंद्र के पास हनुमानगढ़ जिले के एक व्याख्याता अपने गुरु की चुनावी ड्यूटी हटवाने की सिफारिश लेकर पहुंचे। बातचीत में पता चला कि व्याख्याता की खुद की ड्यूटी अभी नहीं लगी थी। एडीएम ने उन्हें गुरु की जगह ड्यूटी करने का प्रस्ताव दिया और हनुमानगढ़ प्रशासन से रिलीव करवाने की बात कही। इस पर व्याख्याता पीछे हट गए। भास्कर संवाददाता|श्रीगंगानगर जिले में पंचायती राज चुनाव के लिए 9 हजार कार्मिकों की जरूरत है, जबकि 6500 ही उपलब्ध हैं। ड्यूटी के आदेश जारी होते ही इससे बचने के लिए रोजाना तीन-चार आवेदन आ रहे हैं। बीमारी और अन्य कारण बताकर ड्यूटी कटवाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने चेतावनी दी है कि झूठे तथ्यों से गुमराह करने वालों के खिलाफ अनिवार्य सेवानिवृत्ति की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।