उदयपुर शहर की सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए धनतेरस के दिन शुक्रवार को नगर निगम में दो बड़े काम हुए। एक तरफ शहर और इंडस्ट्रियल एरिया में आग लगने की घटनाओं पर तुरंत काबू पाने के लिए रीको (RIICO) ने नगर निगम को 1.23 करोड़ रुपए की लागत वाली तीन नई फायर ब्रिगेड गाड़ियां सौंपीं। इसके साथ ही शहर के अंबेरी और सीसारमा में नए फायर सेंटर खोलने की तैयारी भी शुरू कर दी गई है। वहीं दूसरी तरफ, सालों से अटके पड़े शक्तिनगर बॉटलनेक (सड़क चौड़ीकरण) के मामले में भी बड़ी कामयाबी मिली। महापौर पारस सिंघवी ने यहां से हटाए गए सभी 8 परिवारों को धनतेरस के मौके पर नई जमीन के आवंटन पत्र, कब्जा और पट्टे सौंप दिए। इससे अब शक्तिनगर की संकरी सड़क के चौड़ा होने और ट्रैफिक जाम खत्म होने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। 1.23 करोड़ की आधुनिक फायर ब्रिगेड गाड़ियों को दिखाई हरी झंडी नगर निगम परिसर में शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में महापौर पारस सिंघवी, शहर विधायक ताराचंद जैन और भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने रीको की तरफ से मिली तीनों नई फायर ब्रिगेड गाड़ियों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी ने बताया कि आधुनिक तकनीक से लैस इन तीनों गाड़ियों की कुल कीमत करीब 1.23 करोड़ रुपए है। महापौर सिंघवी ने कहा कि इन गाड़ियों का इस्तेमाल खास तौर पर रीको के इंडस्ट्रियल एरिया और शहर में आग लगने की घटनाओं के दौरान किया जाएगा। अतिरिक्त गाड़ियां मिलने से फायर ब्रिगेड की टीम कम समय में मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा सकेगी और बड़े नुकसान को रोका जा सकेगा। विधायक ताराचंद जैन ने भी रीको और निगम के इस आपसी तालमेल की सराहना की। अंबेरी और सीसारमा में खुलेंगे नए फायर स्टेशन शहर का दायरा और बाहरी इलाकों में आबादी लगातार बढ़ रही है। इसे देखते हुए महापौर पारस सिंघवी ने मुख्य अग्निशमन अधिकारी बाबूलाल चौधरी को अंबेरी और सीसारमा क्षेत्र में नए फायर सेंटर खोलने के निर्देश दिए हैं। महापौर सिंघवी ने कहा कि बाहरी इलाकों में नए सेंटर बनने से किसी भी हादसे के वक्त गाड़ियों को शहर के एक कोने से दूसरे कोने तक जाने में समय नहीं लगेगा। इससे तुरंत राहत और बचाव का काम शुरू हो सकेगा। इस दौरान निगम उपायुक्त हरि सिंह देवल, रीको के अजय पंड्या, देवीलाल सालवी और फायर ऑफिसर शिवराम मीणा मौजूद रहे। 1 महीने का काम कुछ ही दिनों में पूरा कर सौंपे पट्टे शहर के शक्तिनगर कॉर्नर पर सालों से चले आ रहे बॉटलनेक (संकरी सड़क) के विवाद का भी शुक्रवार को स्थायी समाधान हो गया। कुछ समय पहले महापौर की अध्यक्षता में प्रभावित परिवारों और निगम अधिकारियों की बैठक हुई थी। इसमें तय हुआ था कि एक महीने के भीतर सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर प्रभावित परिवारों को भूखंडों के पट्टे दे दिए जाएंगे। महापौर ने इस काम को प्राथमिकता पर लिया, जिसके बाद अधिकारियों ने एक महीने का इंतजार किए बिना ही तय समय से पहले सारी प्रक्रिया पूरी कर ली। शुक्रवार को धनतेरस के दिन सभी 8 प्रभावित परिवारों को कागजात सौंप दिए गए। इन 8 परिवारों को मिले कागजात, जाम से मिलेगी मुक्ति महापौर पारस सिंघवी ने विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधि सुनील कालरा, पुरुषोत्तम लीलानी, ओमप्रकाश डोडेजा, संजय पाहूजा, स्वरूप विनोद तुलसीजा, नंदलाल बुद्धराज, मनोज कालरा और सुजाता कालरा को आवंटन पत्र, कब्जा पत्र और पट्टे सौंपे। धनतेरस के शुभ दिन जमीन के पट्टे मिलने पर सभी परिवारों और समाज के लोगों ने खुशी जताते हुए महापौर का आभार जताया। वर्तमान में मौके पर सड़क चौड़ी करने का काम चल रहा है, जिसके पूरा होते ही शहरवासियों को इस चौराहे पर लगने वाले रोजाना के ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी। इस दौरान उपायुक्त हरि सिंह देवल, उपनगर नियोजक सिराजुद्दीन, सहायक नगर नियोजक शुचिता कोठारी, मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाने वाले क्षेत्रीय पार्षद विजय आहूजा, गौतम यादव और राजेश जैन मौजूद रहे।