भास्कर न्यूज | प्रतापगढ़ भीलवाड़ा से प्रतापगढ़ आ रही बांसवाड़ा डिपो की एक रोडवेज बस के चालक द्वारा अत्यधिक शराब पीकर वाहन चलाने का गंभीर मामला सामने आया है। चित्तौड़गढ़ से शराब पीकर निकले चालक ने रास्ते के घाट सेक्शन, गड्ढों और मोड़ों पर बस से नियंत्रण खो दिया, इससे बस कई बार खाई में पलटने से बची। यात्रियों के विरोध करने पर भी जब बस परिचालक ने ध्यान नहीं दिया और धोलापानी थाना पुलिस ने भी शिकायत अनसुनी कर दी, तो बस में सवार प्रतापगढ़ निवासी आनंद कुमार ने खुद हिम्मत दिखाई। उन्होंने धमोत्तर के पास हादसे की आशंका को देखते हुए चालक को सीट से हटाया और स्वयं बस चलाकर प्रतापगढ़ के गांधी चौराहे तक लेकर आए। इस दौरान डरे-सहमे यात्रियों ने पुलिस से सुरक्षित घर पहुंचाने की गुहार लगाई। सूचना मिलने पर एसपी बी. आदित्य के निर्देश पर कोतवाली सीआई शंभू सिंह पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और अचेत पड़े चालक को हिरासत में लेकर अस्पताल में मेडिकल करवाया। इसके बाद बांसवाड़ा डिपो से दूसरे चालक को बुलाकर सवारियों को सुरक्षित गंतव्य के लिए रवाना किया गया। सीट पर नशे की हालत में लेटा चालक। प्रतापगढ़. सवारियों के हंगामे पर पुलिस चालक को हिरासत में ले जाती। प्रतापगढ़. नशे की हालत में ड्राईविंग सीट पर बैठने की जिद करता चालक। बांसवाड़ा डिपो की रोडवेज बस भीलवाड़ा से प्रतापगढ़ के लिए रवाना हुई थी। इसे चालक नरेंद्र सिंह निवासी बांसवाड़ा चला रहा था। बस में सवार यात्री गणेश लाल निवासी सुहागपुरा, नारायण लाल निवासी घाटोल और युग जैन निवासी प्रतापगढ़ ने बताया कि चित्तौड़गढ़ पहुंचने के बाद चालक ने अत्यधिक शराब पी ली। इसके बाद उसने लापरवाही पूर्वक बस चलाई। रास्ते में कई बार बस खाई में गिरने से बची। जब सवारियों ने इस पर आपत्ति जताई, तो परिचालक भूपेंद्र सिंह ने उनकी एक न सुनी, बल्कि ड्राइवर सवारियों की तरफ हमले की नजर से देखता रहा। डर के साये में यात्री धोलापानी थाना क्षेत्र पहुंचे और वहां तैनात पुलिस टीम को चालक की हालत के बारे में बताया, लेकिन वहां भी पुलिस ने शिकायत को अनसुना कर बस को आगे के लिए रवाना कर दिया। धमोत्तर आते-आते जब हादसा होना तय लगने लगा, तब बस में बैठे यात्री आनंद कुमार ने सूझबूझ दिखाई। उन्होंने चालक नरेंद्र सिंह को सीट से जबरन उठा दिया। सीट से हटने के बाद चालक बस की सबसे आखिरी सीट पर जाकर सो गया। इसके बाद आनंद कुमार खुद बस चलाकर प्रतापगढ़ के गांधी चौराहे तक सुरक्षित लेकर आए। गांधी चौराहे पर बस रुकने के बाद मामले की जानकारी जिला पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य को मिली। उन्होंने तुरंत कोतवाली थानाधिकारी सीआई शंभू सिंह को जाब्ते के साथ मौके पर भेजा। पुलिस ने बस की पिछली सीट पर सो रहे चालक को हिरासत में लिया और जिला अस्पताल ले जाकर उसका मेडिकल कराया। पुलिस ने इस बड़ी लापरवाही की जानकारी रोडवेज प्रबंधन के अधिकारियों को दी, जिसके बाद डिपो से दूसरा ड्राइवर बुलाया गया और सवारियों को आगे भेजा गया। हादसों के बाद भी सख्ती नहीं, एक दिन पहले ही रोडवेज की टक्कर से हुई थी मौत बांसवाड़ा डिपो की रोडवेज बसों और उनके चालकों की लापरवाही का यह कोई पहला मामला नहीं है। ठीक एक दिन पहले, 1 जुलाई की रात को भी बांसवाड़ा डिपो की ही एक रोडवेज बस ने सुहागपुरा थाना क्षेत्र के बस स्टैंड पर एक मोटरसाइकिल सवार को टक्कर मार दी थी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। उस घटना के बाद पुलिस ने चालक-परिचालक को हिरासत में लेकर बस को जब्त किया था इस हादसे के अगले ही दिन यानी 2 जुलाई को फिर से इसी डिपो का चालक नशे में धुत होकर 22 यात्रियों की जान जोखिम में डालते हुए बस चलाते पाया गया। लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद भी रोडवेज प्रशासन द्वारा चालकों की काउंसलिंग या जांच के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। यात्रियों की रुलाई- साहब! घर पर बच्चे इंतजार कर रहे हैं, सुरक्षित पहुंचवा दो शराब के नशे में धुत चालक की करतूत से डरे-सहमे यात्री जब प्रतापगढ़ के गांधी चौराहे पहुंचे, तो उनकी आंखों में खौफ साफ दिख रहा था। बस से उतरते ही यात्रियों ने पुलिसकर्मियों को घेर लिया और रुआंसे होकर कहा कि साहब, हमारे घर पर परिजन और छोटे बच्चे हमारा इंतजार कर रहे हैं। हमें कैसे भी सुरक्षित घर पहुंचवा दो। यात्रियों का दर्द सुनकर मौके पर मौजूद पुलिस टीम ने तत्परता दिखाई और रोडवेज डिपो से संपर्क कर तुरंत नए ड्राइवर की व्यवस्था करवाई, इसके बाद यात्रियों ने राहत की सांस ली।