करीब एक दशक बाद अजमेर शहर जिला कांग्रेस कमेटी की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी गई। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की मंजूरी के बाद शुक्रवार रात को संगठन महासचिव ललित तूनवाल ने सूची जारी की। 2016 के बाद पहली बार नई कार्यकारिणी का गठन शहर कांग्रेस की पिछली कार्यकारिणी वर्ष 2016 में तत्कालीन शहर अध्यक्ष विजय जैन के कार्यकाल में घोषित हुई थी। उस समय प्रदेश अध्यक्ष सचिन पायलट थे और कार्यकारिणी में 100 से अधिक पदाधिकारी व सदस्य शामिल किए गए थे। उस सूची में डॉ. राजकुमार जयपाल और विवेक पाराशर भी शामिल थे। इन्हें दी गई जिम्मेदारी कार्यकारिणी में महेंद्र चौधरी को संगठन महासिचव, चंद्रशेखर बालोटिया, मुकेश पंवार, ईश्वर टहलियानी, प्रमोद शर्मा, नितिन जैन, ईश्वर राजोरिया हेमंत जोधा को महासचिव तथा कोषाध्यक्ष अमित गर्ग बनाए गए। इसके साथ ही सैयद फखे मोइन, विवेक पाराशर, नौरत गुर्जर, गजेंद्र सिंह रलावता व नवीन कच्छावा -उपाध्यक्ष नियुक्त किए गए। कार्यकारिणी में अनिल खंडेलवाल, गीता गुर्जर, अनिता रावत, योगेश जाटोलिया, मुख्तार अहमद नवाब, हेमराज ख्यालिया, हरपाल छाबड़ा, मुकेश, धनेवाल, चन्द्रकान्त पालीवाल, सुरेन्द्र गुर्जर, हरि प्रसाद जाटव, मोहम्मद परवेज खान, आरिफ खान,कशिश कुमार बायला और सुमित मित्तल सचिव बनाए गए। कमल वर्मा को फिर से प्रवक्ता की जिम्मेदारी सौंपी गई है। चंदेश सुनिया सोशल मीडिया प्रभारी बनाए गए। कार्यकारिणी के साथ पदेन सदस्यों की सूची भी जारी की है। इसमें पूर्व जिलाध्यक्ष, सांसद, विधायक, पूर्व विधायक, एआईसीसी और पीसीसी पदाधिकारी, ब्लॉक व नगर अध्यक्ष, पार्षद, जिला परिषद सदस्य, प्रधान तथा कांग्रेस के विभिन्न - प्रकोष्ठों के जिलाध्यक्ष शामिल रहेंगे। पायलट खेमे की दूरी पर संगठन में चर्चाएं तेज संगठन में यह चर्चा भी है कि नई कार्यकारिणी में सचिन पायलट गुट को अपेक्षित प्रतिनिधित्व नहीं मिला। विजय जैन और हेमंत भाटी समर्थक नेताओं के नाम सूची से बाहर रहने को लेकर राजनीतिक हलकों में अलग-अलग चर्चाएं हैं। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इधर, यह भी दावा किया जा रहा है कि द्रोपदी कोली और रलावता के समर्थकों को भी स्थान मिल गया है। जबकि 10 साल पहले की कार्यकारिणी में डॉ. जयपाल खेमे के 6 लोगों को कार्यकारिणी में लिया गया था। डॉ. जयपाल ने बताया कि कार्यकारिणी का विस्तार अभी बाकी है और जल्द ही एक और सूची जारी की जाएगी। यह सूची राहुल गांधी के पुष्कर दौरे से पहले जारी होने की चर्चा थी, लेकिन बाद में इसे टाल दिया गया।